बलौदाबाजार। जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक गौरव राय से जिले के पत्रकारों की पहली औपचारिक मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक के दौरान पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन के व्यवहार, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई और औद्योगिक संस्थानों के सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
बैठक में कसडोल थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट का मामला सबसे प्रमुख रहा। पत्रकारों ने घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में पत्रकारों के साथ पुलिस का व्यवहार कई बार असहयोगात्मक और अपमानजनक रहता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पत्रकारों ने जिले में ओवरलोडिंग करने वाले भारी वाहनों का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया। उनका कहना था कि सीमेंट और खनिज परिवहन में लगी ओवरलोड गाड़ियां सड़कों को तेजी से क्षतिग्रस्त कर रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा रही हैं। बावजूद इसके, यातायात पुलिस की कार्रवाई अधिकतर दोपहिया वाहन चालकों तक ही सीमित दिखाई देती है। उन्होंने भारी वाहनों पर भी प्रभावी और नियमित कार्रवाई की मांग की।
बैठक में जिले के कुछ सीमेंट संयंत्रों के रवैये पर भी चिंता व्यक्त की गई। पत्रकारों ने बताया कि किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को संयंत्र प्रबंधन परिसर में प्रवेश नहीं करने देता और न ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे पारदर्शिता प्रभावित होती है और जनहित से जुड़े मामलों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग में बाधा आती है।
पत्रकारों की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने आश्वस्त किया कि पत्रकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों और उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी सकारात्मक पहल की जाएगी।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि नए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा को भी प्राथमिकता मिलेगी।