पलारी अंचल में बढ़ते डॉग बाइट मामलों पर जिला पंचायत सदस्य की दो टूक मांग; पिछले सप्ताह पलारी में 13, लच्छनपुर में 12 मामले, रेंगाडीह में सरपंच-भतीजे पर हमला, ठुड्डी में लगे टांके

पलारी। आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने शासन-प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पलारी अंचल में लगातार सामने आ रही कुत्ता काटने की घटनाएं अब आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुकी हैं। प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना प्रभावित गांवों और नगर क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
बंजारे ने पलारी, लच्छनपुर, रेंगाडीह सहित प्रभावित क्षेत्रों में जिम्मेदार विभागों को सक्रिय करने, आक्रामक कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब बच्चे और आम नागरिक कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं, तब इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पिछले सप्ताह 25 मामले, अब रेंगाडीह की घटना ने बढ़ाई चिंता
आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पिछले सप्ताह पलारी में 13 और लच्छनपुर में 12 कुत्ता काटने के मामले सामने आए।** कुछ ही दिनों के भीतर सामने आए इन मामलों के बाद रेंगाडीह में हुई ताजा घटना ने पूरे अंचल की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार सुबह रेंगाडीह में एक आक्रामक कुत्ते ने ग्राम पंचायत के सरपंच तीरथ रात्रे पर हमला कर दिया। सरपंच किसी तरह बचकर घर पहुंचे। कुछ ही देर बाद उसी कुत्ते ने उनके भतीजे लोकनाथ रात्रे पर भी हमला कर दिया।
कुत्ते के हमले में लोकनाथ की ठुड्डी के पास गंभीर चोट आई , जिसके बाद उन्हें टांके लगाने पड़े।
एक दिन पहले बुजुर्ग महिला पर हमला, जारा-छेरकाडीह में भी घायल होने की सूचना
ग्रामीणों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी इसी कुत्ते ने एक बुजुर्ग महिला पर हमला किया था। घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बलौदाबाजार रेफर किए जाने की जानकारी है।इधर जारा गांव में एक महिला और उससे लगे छेरकाडीह में एक बच्ची के कुत्ते के हमले में घायल होने की सूचना भी सामने आई है। इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है, लेकिन लगातार मिल रही सूचनाओं से आसपास के गांवों में भी चिंता बढ़ गई है।
डंडे लेकर निकल रहे ग्रामीण, बच्चों के बाहर खेलने पर लगा डर
रेंगाडीह में ग्रामीणों के मुताबिक पिछले दो-तीन दिनों से कुत्ते को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह अब तक पकड़ में नहीं आया है। सरपंच की ओर से मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सूचना दी गई है। स्थिति यह है कि ग्रामीण अब घर से बाहर निकलते समय डंडे लेकर चल रहे हैं। बच्चों के गली-मोहल्लों में खेलने को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं।
रवि बंजारे ने कहा- कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए
रवि बंजारे ने मांग की है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्थिति का जायजा ले और संबंधित विभागों को सक्रिय कर ठोस व्यवस्था बनाए। उन्होंने कुत्ता काटने के पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत बताई है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता की सुरक्षा से जुड़े मामले में कार्रवाई किसी बड़ी घटना के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले होनी चाहिए।
अब प्रशासन के सामने सीधा सवाल
पलारी और लच्छनपुर में पिछले सप्ताह सामने आए 25 मामलों की जानकारी और रेंगाडीह में लगातार हो रहे हमलों के बीच ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।रवि बंजारे की मांग साफ है—प्रशासन तत्काल सक्रिय हो, प्रभावित इलाकों में कार्रवाई करे और लोगों को भय के माहौल से बाहर निकाले।अब देखना यह है कि लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच जिम्मेदार विभाग जमीन पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं।

