झारखंड के जामताड़ा गैंग का शातिर साइबर ठग गिरफ्तार, APK फाइल के जरिए करता था लाखों की ऑनलाइन ठगी बलौदाबाजार पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, 17 एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त

TEJASWI NATH SONI

June 20, 2026

बलौदाबाजार, 19 जून 2026। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलौदाबाजार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिटी कोतवाली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने झारखंड के कुख्यात जामताड़ा साइबर ठग गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को APK फाइल भेजकर उनके बैंक खातों से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करता था।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी महेन्द्र त्रिपाठी, निवासी संजय कॉलोनी बलौदाबाजार के मोबाइल पर 21 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से मैसेज प्राप्त हुआ था। इसके बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 3 लाख 74 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर राशि निकाल ली गई थी। मामले की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में पहले आरोपी लाल मोहम्मद अंसारी को झारखंड से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया था। पूछताछ में इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क के मुख्य अकाउंट मैनेजर एवं संचालक मोहम्मद मकरूद्दीन अंसारी की भूमिका सामने आई।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से APK फाइल खरीदकर लोगों के मोबाइल में भेजता था। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को डाउनलोड करता था, उसके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी ठगों के पास पहुंच जाती थी, जिसके बाद खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

थाना सिटी कोतवाली एवं साइबर सेल की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के जामताड़ा जिले में घेराबंदी कर आरोपी मोहम्मद मकरूद्दीन अंसारी (39 वर्ष) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 17 एटीएम कार्ड एवं अपराध में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।

पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध मैसेज को डाउनलोड न करें तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

सह संपादक

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