डिब्बे में डीजल नहीं, तो बैलों से खिंचकर पेट्रोल पंप पहुंची कार; जिला पंचायत सदस्य के मामले ने खड़े किए कई सवाल

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

June 20, 2026


पलारी। भरुवाडीह स्थित एसएस पेट्रोल पंप में गुरुवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्थाओं और ईंधन वितरण नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी। जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे की कार पेट्रोल पंप से करीब 500 मीटर पहले डीजल खत्म होने के कारण सड़क पर खड़ी हो गई। चालक ने पेट्रोल पंप पहुंचकर डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने का अनुरोध किया, लेकिन कर्मचारियों ने मना कर दिया।
बताया जाता है कि चालक ने कई बार कर्मचारियों को समझाया कि वाहन पेट्रोल पंप से अधिक दूर नहीं है और केवल थोड़ी मात्रा में डीजल मिलने से कार आसानी से पंप तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद डिब्बे में डीजल नहीं दिया गया।
जब यह जानकारी जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे तक पहुंची तो उन्होंने ग्रामीणों की मदद से बैल मंगवाए। इसके बाद कार को रस्सियों से बांधकर बैलों के सहारे पेट्रोल पंप तक खींचकर लाया गया। सड़क पर बैलों से खिंचती कार को देखने लोगों की भीड़ जुट गई और देखते ही देखते मामला चर्चा का विषय बन गया।
घटना के बाद पेट्रोल पंप परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि जरूरत के समय भी ग्राहकों को राहत नहीं दी जाती और नियमों के नाम पर परेशान किया जाता है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि डिब्बे में डीजल देना प्रतिबंधित है तो सड़क पर फंसे लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने कहा कि चालक ने बार-बार निवेदन किया, लेकिन कर्मचारियों ने सहयोग नहीं किया। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण पेट्रोल पंप है और यहां लोगों को सुविधा मिलने के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मामले की शिकायत प्रशासन से करने की बात कही है।
वहीं उपसरपंच फागू सेन सहित कई ग्रामीणों ने भी पेट्रोल पंप प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पहले भी कई लोगों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है।
करीब एक घंटे तक चले विवाद और हंगामे के बाद कर्मचारियों ने कार में डीजल भरा, जिसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आपात स्थिति में सड़क पर फंसे वाहन चालकों के लिए आखिर व्यवस्था क्या है और ऐसे मामलों में जिम्मेदारी किसकी होगी।
फिलहाल बैलों से खिंचती कार की तस्वीर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जबकि ग्रामीण पेट्रोल पंप प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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