अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा: सुपारी देकर कराई गई थी महिला की हत्या, पति-पत्नी समेत 9 गिरफ्तार

SARJU PRASAD SAHU

July 1, 2026

सक्ति। जिले के जोंगरा गांव में 26 जून 2026 को हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि हत्या प्रेम संबंधों के विवाद के चलते रची गई साजिश का नतीजा थी। मृतका की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस मामले में झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 26 जून को दो नकाबपोश बदमाशों ने पिस्तौल से गोली मारकर पूर्णिमा चौहान की हत्या कर दी थी और मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई। चार दिनों तक चली जांच में मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ।

जांच में पता चला कि मृतका पूर्णिमा चौहान और रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार और बिक्री का काम करते थे। मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा चौहान को इस संबंध की जानकारी होने के बाद पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, बाद में मुरलीशंकर ने मृतका से दूरी बना ली, लेकिन पूर्णिमा उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।

पुलिस के मुताबिक, दंपति ने राजेन्द्र महंत से संपर्क कर 4 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। सौदे के तहत घटना के बाद 2 लाख रुपये अग्रिम रूप से आरोपियों को दिए गए। इसके बाद राजेन्द्र महंत ने अपने साथियों गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

योजना के अनुसार, 26 जून को गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत मोटरसाइकिल से जोंगरा पहुंचे। गौरीशंकर ने पिस्तौल से पूर्णिमा चौहान पर गोली चलाई, जबकि घटना के बाद दोनों आरोपी पहले से उपलब्ध कराई गई मोटरसाइकिल से फरार हो गए। फरारी में अन्य आरोपियों ने भी सहयोग किया।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजेन्द्र महंत को जमशेदपुर (झारखंड) तथा गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत को पुणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया। बाद में अन्य सभी आरोपियों को भी दबिश देकर पकड़ लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, घटनास्थल से तीन खाली खोखे, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक तथा सुपारी की रकम में से बची नकदी बरामद की है।

इस मामले में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 290/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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