छुरा / गरियाबंद:- पुरुषोत्तम मास के पवित्र माह पर छुरा के मानस मंदिर प्रांगण में विगत कुछ दिनों से चल रहे भगवान श्री पुरुषोत्तम (अधिक मास) जी की कथा पंडित श्री भोला पाण्डेय जी के मुखारविंद से चल रहा है। कथा का समय शाम 5 बजे से रखा गया है, जिसमें नगर के लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। पंडित जी ने बताया कि मलमास जिसे अधिक मास भी कहते है यह केवल तीन वर्ष में केवल एक बार आता है जो श्री हरि का प्रिय मास है।
इस वर्ष अधिक मास सत्रह जून से पंद्रह जून तक रहेगा इस अवधि में जो हर 3 साल में चंद्र और सौर वर्ष के अंतर को संतुलित करने के लिए आता है। इस दौरान निष्काम भाव से भक्ति, दान, और मंत्र जाप करने से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। मलमास के बारे में पंडित जी कहते है कि पद्म पुराण के अनुसार, जब सभी महीनों ने एक अतिरिक्त मास (मलमास) को अपनाने से इंकार कर दिया था, तब भगवान श्री कृष्ण ने इसे अपना सर्वोच्च नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया और इसे सभी महीनों में सबसे श्रेष्ठ बना दिया। इस महीने में व्रत, दान और मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं और वह अक्षय पुण्य का अधिकारी बनता है।
यह समय सांसारिक कार्यों से विराम लेकर पूरी तरह से भगवद भक्ति, आत्मचिंतन और आत्मा की उन्नति के लिए समर्पित होता है। पुरुषोत्तम मास की महिमा और इसके नियमों के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताते है कि इस मास में किसी भी परिस्थिति में शराब एवं मांस का भक्षण नहीं करना चाहिए केवल सात्विक जीवन शैली को अपनाते हुए भगवान का ध्यान व भजन करते रहना चाहिए। अधिक मास में मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, और नामकरण जैसे सोलह संस्कार पूर्णतः निषेध हैं।
नया बिजनेस वेंचर शुरू करना, नया वाहन या प्रॉपर्टी और सोना-चांदी जैसी लग्जरी चीजें खरीदना वर्जित माना गया है। मंदिर प्रांगण में पंद्रह जून को दोपहर को तीन बजे पुनः कथा प्रारंभ होगी एवं कथा विश्राम के पश्चात सामूहिक हवन पूजन भी किया जाएगा। महाराज जी ने नगरवासियों को इस पुण्य प्रदान करने वाले अनुष्ठान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए आव्हान किया है।