सुपरवाइजरों को दिया गया योग प्रशिक्षण ,अब प्रत्येक कार्यकर्ताओं को करेंगे प्रशिक्षित
छुरा/ गरियाबंद:- महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) के अंतर्गत प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में योग गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में संचालनालय महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़ द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रेषित किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन लगभग 10 से 15 मिनट का आयु-उपयुक्त योग सत्र आयोजित किया जाएगा। योग सत्र में बच्चों के लिए सरल एवं सुरक्षित योगासन जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, तितली आसन (बद्धकोणासन), भुजंगासन, मार्जरी आसन, शशांकासन (बाल मुद्रा) तथा अंत में 1 से 2 मिनट का शवासन अथवा शांत विश्राम कराया जाएगा। इन गतिविधियों का आयोजन मुक्त खेल के पश्चात एवं नाश्ते से पूर्व करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक माह आयोजित होने वाले ईसीसीई दिवस पर योग एवं मूवमेंट आधारित गतिविधियों, बालगीतों तथा संतुलन एवं समन्वय विकसित करने वाले खेलों का आयोजन किया जाए। वहीं सुपोषण चौपाल के दौरान अभिभावकों को बच्चों के नियमित शारीरिक व्यायाम, योग, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से भी अवगत कराया जाएगा।
इसी क्रम में छुरा परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को योगाचार्य मिथलेश कुमार सिन्हा द्वारा योग प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बालकों के लिए उपयुक्त सरल योगासन, श्वास-प्रश्वास की विधियां, योग गतिविधियों के संचालन की तकनीक तथा बच्चों में एकाग्रता, संतुलन एवं स्वास्थ्य संवर्धन के लिए योग के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण में यह जानकारी भी दी गई कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उनके संबंधित सेक्टर के मास्टर ट्रेनर (सुपरवाइजर) द्वारा योग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में योग गतिविधियों का प्रभावी एवं नियमित संचालन सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रशिक्षण व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक केंद्र तक योग की पहुंच सुनिश्चित होगी तथा छोटे बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
योगाचार्य मिथलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यदि आंगनबाड़ी स्तर से ही बच्चों को नियमित योग का अभ्यास कराया जाए तो उनके शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक, भावनात्मक एवं बौद्धिक विकास में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
उस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी चंदूलाल साहू, सेक्टर पर्यवेक्षकों में कुंती साहू छुरा,लावेश्वरी जगत दुल्ला, कौशल वर्मा सिवनी,रोशनी नारंग कोसमी,रेखा देवांगन, चरौदा, हितकराणी देवांगन लोहझर / खड़मा, सीता ठाकुर मुड़ागांव,लूकेश्वरी चन्द्राकर
सोरिद,श्रीमती पद्मनी सिन्हा कनसिंघी,
सावित्री भार्गव रसेला,ईश्वरी पटेल पेण्ड्रा,योगेश्वरी ओगरे पाण्डुका,दुष्यंत सिन्हा,बबलू खान उपस्थित रहे।