परंपरा और श्रद्धा का संगम, देवी-देवताओं के आशीर्वाद से शुरू हुए मांगलिक कार्य
कोरबा। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का अद्भुत स्वरूप एक बार फिर ग्राम मुढ़ाली में देखने को मिला, जहां विवाह जैसे शुभ अवसर से पहले प्राचीन परंपराओं के अनुसार ग्राम देवी-देवताओं को निमंत्रण देकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। बैगा रमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्राम मुढ़ाली में कुंजराम यादव परिवारों में विवाह समारोह प्रारंभ हुए।
इस दौरान ठाकुर देव महाराज, सात बहनिया, माता चौरा की बूढ़ी मैया और लाला बैग के देवस्थलों में विधिवत पूजा-अर्चना कर देवताओं का आह्वान किया गया। इस पावन अवसर पर नंदलाल यादव, संजीव यादव, गीता यादव, गायत्री बाई यादव, बृहस्पति बाई यादव और शिवनाथ यादव सहित समस्त यादव परिवारों ने श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना कर देव आशीर्वाद प्राप्त किया।
परंपरा के तहत धूप, अगरबत्ती, नारियल, बंदन और सादा धागा अर्पित कर विधि-विधान से पूजा सम्पन्न की गई। विवाह से पूर्व देवी-देवताओं को आमंत्रित कर आशीर्वाद लेना यहां की अटूट परंपरा मानी जाती है।
पूरे गांव की सहभागिता ने सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल पेश की। यह परंपरा नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है।
देव आशीर्वाद के साथ सम्पन्न होने वाला यह विवाह संस्कार केवल एक रस्म नहीं, बल्कि लोक आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास का जीवंत उत्सव है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और भी मजबूत करता है।