ग्रामीणों ने सीईओ व एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, तीन दिन में जांच टीम गठित करने के निर्देश
बसना/महासमुंद। महासमुंद जिले के विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम पंचायत माधोपाली में पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग और लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पंचों ने दो पिकअप वाहनों में बसना पहुंचकर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरपंच और सचिव को तत्काल पद से हटाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में बोर मरम्मत, मोटर स्थापना, पाइप खरीदी, पचरी निर्माण एवं मरम्मत, साफ-सफाई, पंचायत भवन की रंगाई-पुताई सहित विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इनमें से कई कार्य या तो धरातल पर दिखाई नहीं देते या फिर अधूरे पड़े हुए हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक निजी बोरवेल को सरकारी बोरवेल दर्शाकर उसके नाम पर भुगतान किया गया, जिससे पंचायत निधि के दुरुपयोग की आशंका और गहरा गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत के सभी विकास कार्यों, भुगतान और निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम पैकरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन दिवस के भीतर जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध पंचायत अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं जनपद पंचायत बसना के सीईओ ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि शिकायत की तत्काल जांच कराई जाएगी और जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
शिकायत के दौरान एक दिलचस्प घटनाक्रम भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पंचों के एसडीएम एवं सीईओ कार्यालय पहुंचने के कुछ देर बाद सरपंच पति अपने समर्थक पंचों के साथ वहां पहुंच गए और पूरे समय कार्यालय की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। इसे लेकर कार्यालय परिसर में भी चर्चाओं का दौर चलता रहा।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित लोगों में हड़कंप की स्थिति है। माधोपाली और उसके आश्रित गांवों में पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार, संभावित जांच और सरपंच-सचिव के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा गठित की जाने वाली जांच टीम की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
हालांकि, यह मामला फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।