बलौदाबाजार-भाटापारा। बार नवापारा क्षेत्र में बिजली, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर विगत 1 नवंबर से जारी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को सोनाखान एवं बिलाईगढ़ कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहने और जनहित के मुद्दों को लेकर अंतिम पड़ाव तक संघर्ष करने का भरोसा दिलाया।
धरना प्रदर्शन में शामिल हुईं बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे ने उपस्थित कार्यकर्ताओं, वरिष्ठजनों एवं आम नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता के साथ हैं। जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
कलेक्टर से चर्चा कर समस्याओं के समाधान की पहल
विधायक कविता प्राण लहरे ने धरना स्थल पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कलेक्टर बलौदाबाजार से समय लेकर क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए उचित पहल की जाएगी। यदि जिला प्रशासन स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रियों के समक्ष भी क्षेत्र की मांगों को रखा जाएगा। उन्होंने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि जनता की जायज मांगों को पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने दिया समर्थन
अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोनाखान के अध्यक्ष युधिष्ठिर नायक, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिलाईगढ़ के अध्यक्ष लकेश्वर देवांगन तथा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरसींवा के अध्यक्ष भीषम प्रसाद साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही मुरलीधर मिश्रा, सुखलाल निषाद, हृषिकेश पटेल, जान मोहम्मद खान, धनीराम नाग, मन्नू पटेल, रामा डडसेना सहित बार नवापारा वनांचल क्षेत्र के धरम रात्रे, अनिरुद्ध दिवान, पुरुषोत्तम प्रधान, अमर ध्वज यादव, दिनेश ठाकुर, संपत ठाकुर, प्रवीण साहू एवं उमाशंकर बरिहा सहित क्षेत्र के अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिक मौजूद रहे।
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों की भी भागीदारी रही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। इन जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान तक आंदोलनकारियों के साथ मिलकर आवाज उठाई जाती रहेगी।


