झाखरपारा पंचायत में 15वें वित्त की राशि पर सवाल, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पूर्णता की जांच की मांग

SARJU SAHU

September 22, 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

देवभोग।

ग्राम पंचायत झाखरपारा में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, जबकि कई निर्माण कार्य अधूरे बताए जा रहे हैं। मामले में सरकारी राशि के उपयोग और निर्माण कार्यों की स्थिति की जांच की मांग की गई है।

जानकारी के अनुसार, घासीराम के खेत के सामने करीब 1 लाख 75 हजार 557 रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद पुलिया में दरारें दिखाई देने लगीं। इससे निर्माण की गुणवत्ता और उपयोग की गई सामग्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इसी तरह विनोद के घर के पास नाली निर्माण के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि आहरित किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर अभी करीब 20 से 25 प्रतिशत ही काम हुआ है। उनका कहना है कि राशि आहरण के लगभग आठ माह बाद भी नाली निर्माण पूरा नहीं हो सका है।

ग्रामीणों के मुताबिक जून माह में प्राथमिक शाला के पास करीब 59 हजार 700 रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित किया गया था। आरोप है कि राशि स्वीकृत अथवा आहरित होने के बावजूद करीब दो माह बाद तक मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसे लेकर भी ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

इसके अलावा टांडीपारा में करीब 1 लाख 57 हजार 750 रुपये की लागत से निर्मित पुलिया की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सभी निर्माण कार्यों की स्थल जांच और तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही कार्यों से संबंधित माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान अभिलेख, स्वीकृति आदेश, निर्माण की प्रगति और कार्य पूर्णता संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग भी की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए मिलने वाली सरकारी राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों में नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। ऐसे में निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

अब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि झाखरपारा पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए इन कार्यों में निर्माण की गुणवत्ता, कार्य पूर्णता और राशि के उपयोग में निर्धारित नियमों का पालन हुआ है या नहीं।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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