छत्तीसगढ़: PDS में ई-पॉस मशीनों पर 140 करोड़ का खर्च, 35 करोड़ के काम पर 4 गुना भुगतान से वित्तीय प्रबंधन पर उठे सवाल

BIRENDRA KUMAR SEN

September 23, 2026

छत्तीसगढ़: PDS में ई-पॉस मशीनों पर 140 करोड़ का खर्च, 35 करोड़ के काम पर 4 गुना भुगतान से वित्तीय प्रबंधन पर उठे सवाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने की कवायद सरकारी खजाने पर भारी पड़ती नजर आ रही है। प्रदेश भर की राशन दुकानों में लगाई गई बायोमीट्रिक ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के लिए तय की गई भारी-भरकम राशि ने सरकारी वित्तीय प्रबंधन और खरीद नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, जिन उपकरणों और सेवाओं को बाजार दर पर लगभग 35 करोड़ रुपये में जुटाया जा सकता था, उनके लिए राज्य सरकार करीब 140 करोड़ रुपये का भुगतान करने जा रही है।

प्रदेश की कुल 14,085 उचित मूल्य (राशन) दुकानों में 4G बायोमीट्रिक ई-पॉस मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के एवज में पिछले चार वर्षों के दौरान 91.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 48 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बाकी है। इस तरह कुल खर्च लगभग 140 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है।

सीधी खरीद से बच सकते थे 105 करोड़ रुपये यदि सरकार इन उपकरणों को सेवा अनुबंध या मौजूदा शर्तों के बजाय सीधे खुले बाजार से खरीदती, तो सरकारी खजाने के करीब 105 करोड़ रुपये बचाए जा सकते थे:

  • मशीनों की लागत: इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया जैसे प्रमुख औद्योगिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर वीए-21 (VA-21) मॉडल की 4G बायोमीट्रिक ई-पॉस मशीनों की थोक दर 13,000 से 15,000 रुपये प्रति यूनिट है। 15,000 रुपये की अधिकतम दर से भी 14,085 मशीनों की कुल खरीद लागत मात्र 21.12 करोड़ रुपये बैठती है।
  • इंटरनेट कनेक्टिविटी खर्च: पांच वर्षों के लिए 4G डेटा कनेक्टिविटी का अनुमानित खर्च लगभग 13.35 करोड़ रुपये आता है।
  • कुल अनुमानित बजट: हार्डवेयर खरीद और 5 साल के डेटा खर्च को मिलाकर यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 34.47 करोड़ (करीब 35 करोड़) रुपये में पूरा हो सकता था।

पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के नाम पर वास्तविक लागत से करीब चार गुना अधिक राशि चुकाए जाने के इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आलोचकों का कहना है कि समय रहते खरीद प्रक्रिया और लागत का स्वतंत्र ऑडिट न कराए जाने के कारण सरकारी राजस्व को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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