
बलौदा बाजार। बलौदा बाजार से बिलासपुर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर करही मैकरी चौक से शिवनाथ नदी तक करीब चार किलोमीटर सड़क इन दिनों बदहाली की मार झेल रही है। सड़क पर जगह-जगह तीन से चार फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढों के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों की जान हर पल जोखिम में रहती है।
स्थिति यह है कि सड़क पर सफर करने के बजाय वाहन चालक गड्ढों के बीच रास्ता तलाशने को मजबूर हैं। खासकर दोपहिया और छोटी कारों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो गया है। गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे सामने से आ रहे वाहनों से टक्कर की आशंका बनी रहती है।
बलौदा बाजार के वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चन्द्र श्रीवास्तव ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग शासन-प्रशासन से की है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल बलौदा बाजार और बिलासपुर को जोड़ने वाली सड़क नहीं, बल्कि हजारों लोगों के लिए आवागमन की जीवनरेखा है। बिलासपुर में उच्च न्यायालय के साथ प्रमुख व्यापारिक और शैक्षणिक संस्थान होने के कारण बलौदा बाजार जिले से बड़ी संख्या में लोग रोजाना बिलासपुर आते-जाते हैं। इसके अलावा बिलासपुर छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रमुख शहरों की ओर आवागमन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में इस मार्ग पर दिनभर यातायात का दबाव बना रहता है। सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश ने बढ़ाया खतरा, पानी में छिपे गड्ढे

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। गहरे गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। कई बार वाहन चालक अचानक गड्ढे में उतर जाते हैं, जिससे वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
अधिवक्ता श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सड़क की बदहाल स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, गड्ढों को भरने और जर्जर हिस्से की आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सवाल किया है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी? लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत में और देरी करना आम राहगीरों की जिंदगी को खतरे में डालना है। उन्होंने जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।