बसना विधानसभा में हर घर नल, हर घर जल पर सवाल, कांग्रेस नेता ने इसे डिफॉल्टर प्रोजेक्ट करार दिया

SARJU PRASAD SAHU

April 14, 2026

महासमुंद/बसना। बसना विधानसभा में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “हर घर नल, हर घर जल” अब जमीनी हकीकत में सवालों के घेरे में है। बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने तीखे शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि जिस योजना को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में पेश किया था, वही आज क्षेत्र में “डिफॉल्टर प्रोजेक्ट” बनकर रह गई है।

प्रधान ने बताया कि बसना विधानसभा अंतर्गत दो प्रमुख ब्लॉक—बसना और पिथौरा—में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये की लागत से पानी टंकी निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और हर घर तक पानी पहुंचाने का दावा किया गया था। उनके मुताबिक कागजों में काम पूरा दिखाया जा रहा है, लेकिन गांवों में अभी भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कई गांवों में पानी टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं और पाइपलाइन का निर्माण भी हुआ है, लेकिन पानी का संचालन ठप है। कहीं मोटर खराब पड़ी है, कहीं पाइपलाइन अधूरी बताई जा रही है, तो कहीं बिजली की दिक्कत के कारण सप्लाई बाधित हो रही है। नतीजतन ग्रामीणों को पुराने हैंडपंप और कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है।

मोक्ष कुमार प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि भीषण गर्मी की शुरुआत भी नहीं हुई है और स्थिति अभी से ऐसी है, तो आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। जब तापमान चरम पर पहुंचेगा, तब ग्रामीणों की परेशानी बढ़ना तय है और सरकार की नाकामी साफ नजर आएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि योजना लॉन्च होने के समय हर जगह “हर घर नल, हर घर जल” का नारा गूंज रहा था और इसे सबसे बड़ा जनकल्याणकारी प्रोजेक्ट बताया गया था, लेकिन अब धरातल पर यह पूरी तरह फेल साबित हो रही है। क्षेत्र के लोगों इसे “डिफॉल्टर प्रोजेक्ट” नाम देकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

प्रधान ने कहा कि योजना में भारी भ्रष्टाचार, लापरवाही और निगरानी की कमी सामने आ रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर लोगों को पानी नहीं मिल रहा है, तो यह सीधे-सीधे जनता के साथ धोखा है।

अंत में उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि योजना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द हर गांव में नियमित पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

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