संसद में गूंजेगी नारी शक्ति की आवाज़: लक्ष्मी वर्मा का दमदार ऐलान

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

April 14, 2026

पलारी/रायपुर, 14 अप्रैल 2026।
देश की राजनीति एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने महिला आरक्षण को लेकर जोरदार तेवर दिखाए हैं। उनके बयान ने साफ कर दिया है कि इस बार संसद में नारी शक्ति की आवाज़ सिर्फ सुनाई नहीं देगी, बल्कि असर भी डालेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पत्र के जवाब में वर्मा ने कहा कि यह विधेयक महज कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह संसद में पूरी मजबूती से इसके पक्ष में खड़ी रहेंगी और हर स्तर पर अपनी आवाज़ बुलंद करेंगी।
सीएम साय ने अपने पत्र में 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की जरूरत बताई थी और छत्तीसगढ़ में पहले से लागू 50 प्रतिशत आरक्षण को एक सफल मॉडल के रूप में पेश किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्मा ने कहा कि राज्य ने महिलाओं को जो सम्मान और अवसर दिए हैं, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं और अब समय आ गया है कि यह सोच राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे।
अपने पहले संसदीय सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए लक्ष्मी वर्मा ने इसे व्यक्तिगत गौरव और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों का संगम बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरी गंभीरता और सकारात्मक सोच के साथ इस महत्वपूर्ण विधेयक में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
वर्मा ने देश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि एक ऐसा भारत बनाना जरूरी है जहां महिलाओं को बराबरी का अधिकार, सम्मान और निर्णय लेने में भागीदारी मिले, क्योंकि यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान न सिर्फ महिला आरक्षण को नई ऊर्जा देता है, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को और मजबूत करता है। 16 अप्रैल का संसद सत्र अब सिर्फ एक औपचारिक कार्यवाही नहीं, बल्कि देश की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण क्षण बनता नजर आ रहा है।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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