कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद प्रदेशभर में ईंधन दरों में भारी वृद्धि, व्यापार मंडल ने बताया आम जनता पर बढ़ेगा बोझ।
कोरबा। महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। औद्योगिक नगरी कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में आज सुबह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। नई दरें लागू होते ही लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी और घरेलू बजट पर पड़ने वाला है।
कोरबा में अब पेट्रोल ₹100.45 प्रति लीटर और डीजल ₹93.62 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। सुबह से ही शहर के कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने बढ़ी हुई कीमतों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दामों में यह बढ़ोतरी आम आदमी की कमर तोड़ने वाली है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नई दरें लागू स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग जिलों में कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है।
रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ में पेट्रोल ₹103.56 और डीजल ₹96.55 प्रति लीटर पहुंच गया है।
बिलासपुर और बस्तर संभाग में परिवहन खर्च अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹104 प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है।
लगातार बढ़ते ईंधन दामों ने अब लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, खासकर उन परिवारों की जो रोजाना वाहन से काम पर आने-जाने को मजबूर हैं।
व्यापारियों ने जताई चिंता
ईंधन की कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी पर व्यापार जगत ने भी गहरी चिंता जाहिर की है। स्थानीय व्यापार मंडल और चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सबसे पहले माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इसका असर सीधे बाजार में दिखाई देगा और आने वाले दिनों में फल-सब्जियां, किराना, कपड़ा और अन्य जरूरी सामानों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो महंगाई की मार और तेज हो सकती है, जिसका असर छोटे कारोबारियों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक सभी पर पड़ेगा।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी
शहर के कई लोगों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अब वाहन चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है। नौकरीपेशा वर्ग, ऑटो चालक, डिलीवरी कर्मी और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली तो रोजमर्रा का खर्च संभालना और कठिन हो जाएगा।