धान फसल जलमग्न: बया अंचल में बाढ़ से हजारों एकड़ फसल तबाह, किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग
बया (कसडोल): विकासखंड कसडोल और सोनाखान तहसील अंतर्गत रिकोकला, बया तथा राजादेवरी क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र की नदियों और नालों के उफान पर आने से हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बाढ़ और जलभराव की चपेट में आ गई है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
क्षेत्र के खेतों में कई फीट तक पानी जमा हो गया है। लगातार जलभराव की वजह से धान की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं और अब गलने की कगार पर हैं। प्रभावित किसानों ने भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताते हुए बताया कि उन्होंने खाद-बीज और जुताई में बड़ी रकम लगाई थी। फसल तैयार होने की उम्मीद थी, लेकिन कुदरत की मार ने उन्हें पूरी तरह से बेबस कर दिया है।
त्वरित सर्वे और आर्थिक सहायता की गुहार प्राकृतिक आपदा से बेहाल किसानों की उम्मीदें अब पूरी तरह से शासन और प्रशासन पर टिक गई हैं। बया अंचल के किसानों ने मांग की है कि शासन-प्रशासन की टीम तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खेतों का सर्वे करे। वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन कर किसानों को शीघ्र से शीघ्र उचित मुआवजा और राहत राशि प्रदान की जाए, ताकि वे इस बड़े आर्थिक संकट से उबर सकें।
अब देखना यह होगा कि किसानों की इस विकट समस्या पर प्रशासनिक अमला कितनी तत्परता दिखाता है और प्रभावित अन्नदाताओं को कब तक राहत पहुँचाई जाती है।