6 महीने पहले बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क पर सवाल: अधूरी पुलिया का एप्रोच टूटा, कमारपारा के ग्रामीणों का आवागमन ठप,

BHUPENDRA SINHA

July 31, 2026

छुरा/गरियाबंद :- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क और पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाता है, ताकि वर्षभर लोगों का आवागमन सुगम बना रहे। लेकिन गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम छिन्दौली से कमारपारा तक हाल ही में बनी सड़क पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, लगभग छह महीने पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 2.10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया था। इस सड़क के साथ विभाग द्वारा दो छोटी पुलियों का भी निर्माण कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण पूरी तरह पूर्ण होने से पहले ही बारिश का मौसम आ गया, जिसके चलते एक पुलिया का एप्रोच (संपर्क मार्ग) तेज बारिश और पानी के बहाव में बह गया।

आवागमन हुआ बाधित, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी,

कमारपारा के ग्रामीणों के लिए यह सड़क मुख्य संपर्क मार्ग है। एप्रोच टूट जाने के कारण अब इस मार्ग से आवागमन लगभग बाधित हो गया है। लोगों को मजबूरी में कच्चे और कीचड़युक्त वैकल्पिक रास्ते से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे रोजमर्रा के कार्य, खेती-किसानी, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बाद गांव को पक्की सड़क की सुविधा मिली थी। उन्हें उम्मीद थी कि बरसात में भी अब आवाजाही आसान होगी, लेकिन स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो गई है।

ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “यदि ऐसी ही स्थिति होनी थी, तो पहले जैसा ही रहने देते। पहले छोटी पुलिया के सहारे बरसात में किसी तरह आवागमन हो जाता था, लेकिन अब नई पुलिया बनने के बाद एप्रोच टूट जाने से रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है।”

प्रसूता महिला को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा अस्पताल,

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों पहले गांव की एक प्रसूता महिला को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था। लेकिन मार्ग में स्थित एक अन्य छोटी पुलिया के पास एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसी स्थिति में परिजनों और महिला को कीचड़ और कच्चे रास्ते से ले जाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर उपचार नहीं मिलता, तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग से मांग की है कि टूटी हुई पुलिया के एप्रोच का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को फिर से सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

विभागीय अधिकारी ने क्या कहा?

इस संबंध में जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, गरियाबंद के अधिकारी अभिषेक पाटकर से टेलीफोन पर चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि अत्यधिक पानी के बहाव के कारण पुलिया का एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गया है। उनका कहना है कि जैसे ही पानी का स्तर कम होगा, विभाग एक सप्ताह के भीतर एप्रोच का निर्माण कार्य पूरा कर देगा।

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल,

सड़क निर्माण के महज छह महीने के भीतर ही पुलिया का एप्रोच टूट जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को हर मौसम में सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन छिन्दौली-कमारपारा मार्ग की वर्तमान स्थिति इस उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न लगाती नजर आ रही है।

अब देखने वाली बात होगी कि विभाग अपने दावे के अनुसार एक सप्ताह के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर ग्रामीणों को राहत दे पाता है या फिर कमारपारा के लोगों को आने वाले दिनों में भी इसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

सह संपादक

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