APK फाइल से मोबाइल हैक कर ₹3.74 लाख उड़ाने वाले झारखंड के 2 अंतरराज्यीय सायबर ठग गिरफ्तार
बलौदाबाजार।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने सायबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक (SP) ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में सिटी कोतवाली पुलिस ने झारखंड के देवघर में दबिश देकर एक अंतरराज्यीय सायबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में एक स्थायी वारंटी समेत दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी APK फाइल के जरिए लोगों का मोबाइल हैक कर बैंक खाते साफ कर देते थे।
यह पूरा मामला बलौदाबाजार के संजय कॉलोनी निवासी महेंद्र त्रिपाठी की शिकायत पर सामने आया। प्रार्थी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से झांसा देने वाला मैसेज आया था। इसके बाद शातिर ठगों ने उनके भारतीय स्टेट बैंक (गार्डन चौक शाखा) के खाते में सेंध लगाकर अलग-अलग किश्तों में कुल ₹3,74,000 पार कर दिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 318(4) BNS एवं 335 BNSS के तहत मामला दर्ज कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ओ.पी. शर्मा ने सायबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को जांच में लगाया। तकनीकी कड़ियों को जोड़ने पर पता चला कि ठगी की रकम कोलकाता के बंधन बैंक में ‘शौविक राजवंशी’ नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस की कड़ाई से की गई तफ्तीश में खुलासा हुआ कि यह खाता देवघर (झारखंड) के एक शातिर स्थायी वारंटी मुस्तफा अंसारी के कहने पर महज ‘कमीशन’ के लालच में खुलवाया गया था।

आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की एक विशेष टीम झारखंड रवाना की गई। पुलिस टीम ने देवघर के पंचरूखी (थाना मार्गोमुंडा) में घेराबंदी कर इस सिंडिकेट के दो मुख्य मोहरों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
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- लाल मोहम्मद अंसारी उर्फ लालबाबू (35 वर्ष), पिता रफीक मियां, निवासी पंचरूखी, झारखंड।
- मुस्तफा अंसारी (30 वर्ष – स्थाई वारंटी), पिता युसूफ अंसारी, निवासी पंचरूखी, झारखंड।
क्या हुआ जब्त?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया ओप्पो (Oppo) कंपनी का मोबाइल फोन विधिवत जब्त किया है।
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड और अकाउंट मैनेज करने वाला ठेकेदार जामताड़ा का रहने वाला है, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है। ये लोग फर्जी एपीके (APK) फाइल खरीदकर लोगों को भेजते थे, जिससे पीड़ित का फोन हैक हो जाता था और ये पलक झपकते ही बैंक खाते खाली कर देते थे।
आरोपी लाल मोहम्मद अंसारी को झारखंड के मधुपुर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर और स्थाई वारंटी मुस्तफा अंसारी को बलौदाबाजार लाया गया है। गिरोह के देशव्यापी नेटवर्क और अन्य फर्जी बैंक खातों की जांच के लिए माननीय न्यायालय बलौदाबाजार ने आरोपियों को 25 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान सायबर ठगी के कई और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय है।
