अड़बंधा तालाब में व्यावसायिक निर्माण का विरोध तेज़: विधायक कविता प्राण लहरें ने कलेक्टर से की रोक की मांग, दी भूख हड़ताल की चेतावनी

BIRENDRA KUMAR SEN

June 2, 2026

अड़बंधा तालाब में व्यावसायिक निर्माण का विरोध तेज़: विधायक कविता प्राण लहरें ने कलेक्टर से की रोक की मांग, दी भूख हड़ताल की चेतावनी

सारंगढ़-बिलाईगढ़।

भटगाँव स्थित ऐतिहासिक अड़बंधा तालाब जलाशय क्षेत्र में प्रस्तावित व्यावसायिक परिसर निर्माण को लेकर जनआक्रोश चरम पर पहुंच गया है। बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरें ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को एक शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य नहीं रुका, तो वे स्थानीय किसानों और नगरवासियों के साथ मिलकर भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगी।

​विधायक कविता प्राण लहरें ने अपने आवेदन में बताया कि नगर पंचायत भटगाँव द्वारा इस व्यावसायिक परिसर के निर्माण के लिए 23 दिसंबर 2025 को निविदा (टेंडर) जारी की गई थी।

बड़ा खुलासा: विधानसभा बजट सत्र के दौरान प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई थी कि जल संसाधन विभाग कसडोल ने इस निर्माण कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया है। लेकिन जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी निकाली गई, तो विभाग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यावसायिक परिसर के लिए कोई NOC जारी नहीं की है, बल्कि केवल तालाब के ‘सौंदर्यीकरण’ कार्य की अनुमति दी थी।

 

​विधायक ने पत्र में निर्माण कार्य को लेकर कई गंभीर कानूनी और तकनीकी कमियां उजागर की हैं:

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन: माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य (2011) मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तालाब या किसी भी सार्वजनिक उपयोग की भूमि का व्यावसायिक उपयोग करना पूरी तरह से न्यायालयीन निर्देशों के खिलाफ है।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग के नियमों की अवहेलना: प्रस्तावित निर्माण स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 B के बिल्कुल समीप है। सड़क सुरक्षा नियमों के मुताबिक, हाईवे के निर्धारित दायरे के भीतर किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण प्रतिबंधित होता है।

​अड़बंधा तालाब भटगाँव के आम नागरिकों और आसपास के किसानों के लिए जल संरक्षण और सिंचाई का एक बेहद महत्वपूर्ण स्रोत है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहाँ व्यावसायिक परिसर (कॉम्प्लेक्स) बनता है, तो तालाब का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा। इसी वजह से नगरवासियों और किसानों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।

​विधायक ने कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के साथ विधानसभा में पूछे गए प्रश्न की कॉपी, RTI से प्राप्त जल संसाधन विभाग के दस्तावेज़, निविदा पेपर, नक्शा-खसरा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतियां भी संलग्न की हैं।

​विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरें ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है:

​”अड़बंधा तालाब हमारे नगर की धरोहर है। यदि प्रशासन ने जनभावनाओं को दरकिनार कर इस अवैध निर्माण पर तुरंत रोक नहीं लगाई, तो मैं खुद किसानों और नगरवासियों के साथ मिलकर उग्र जनआंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठूंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।”

जिला रिपोर्टर बलौदा बजार

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