कोरबा। नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने लोगों के साथ-साथ बेजुबान जीवों के लिए भी संकट खड़ा कर दिया है।
सबसे दर्दनाक तस्वीर पाली नगर पंचायत के नौकोनिया तालाब क्षेत्र से सामने आई, जहां अत्यधिक गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण 200 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई। गर्म हवाओं और तेज तापमान के चलते कई चमगादड़ पेड़ों से गिरते नजर आए। स्थानीय लोगों ने जब बड़ी संख्या में मृत और घायल चमगादड़ों को देखा तो इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी और पानी की कमी को चमगादड़ों की मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और वन्य जीवों को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
नौतपा की तपिश का असर शहर और ग्रामीण इलाकों दोनों में साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए अधिक से अधिक पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर जाने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी अब इंसानों के साथ वन्य जीवों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।