जनअपील के बाद भी प्रशासन मौन, सक्ती में तेजी से फैल रहा नशे का कारोबार,युवाओं का भविष्य खतरे में

SARJU PRASAD SAHU

June 8, 2026

नशे के सौदागरों पर कब कसेगा शिकंजा?

सक्ती। जिले में गांजा, कोरेक्स सिरप और अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर आम लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का नेटवर्क तेजी से फैलने की चर्चाएं आम हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों का आरोप है कि लगातार शिकायतों, समाचारों के प्रकाशन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्रवाई की मांग के बावजूद अब तक जिले में नशे के खिलाफ कोई व्यापक और प्रभावी अभियान दिखाई नहीं दे रहा है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई इलाकों में नशीले पदार्थों की उपलब्धता इतनी आसान हो गई है कि युवा वर्ग और स्कूली छात्र भी इसकी चपेट में आते नजर आ रहे हैं। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति ने सामाजिक और पारिवारिक वातावरण को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अभिभावकों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अपराधों में वृद्धि को लेकर भी चिंता

स्थानीय नागरिकों के अनुसार नशे की बढ़ती लत का सीधा असर कानून-व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। मारपीट, चाकूबाजी, रंगदारी, झगड़े और असामाजिक गतिविधियों की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर लोग चिंता जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि नशे की गिरफ्त में आने वाले युवा अपराध की ओर भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिससे समाज में असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।

कई जागरूक नागरिकों का कहना है कि नशा केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि सामाजिक संरचना और कानून व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। ऐसे में समय रहते ठोस कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

पड़ोसी जिलों में कार्रवाई, सक्ती में इंतजार

नागरिकों का कहना है कि आसपास के कई जिलों में पुलिस और प्रशासन द्वारा नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। गांजा तस्करों की गिरफ्तारी, अवैध नशीले पदार्थों की जब्ती और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जैसी कार्रवाइयों की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं।

इसके विपरीत सक्ती जिले में अब तक किसी बड़े अभियान या संगठित कार्रवाई की कमी महसूस की जा रही है। यही कारण है कि लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जिले में नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर निर्णायक कदम कब उठाएगा।

 नशा मुक्त सक्ती अभियान की मांग तेज

सामाजिक संगठनों, युवाओं और जागरूक नागरिकों ने जिले में विशेष “नशा मुक्त सक्ती अभियान” चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल औपचारिक बैठकों और अपीलों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर लगातार कार्रवाई आवश्यक है।

लोगों ने सुझाव दिया है कि साइबर सेल, स्थानीय पुलिस, स्पेशल ब्रांच और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम गठित कर नशे के नेटवर्क की पहचान की जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों के जरिए सक्रिय अवैध कारोबारियों पर निगरानी बढ़ाई जाए तथा संदिग्ध ठिकानों पर नियमित छापेमारी की जाए।

नशे के नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की जरूरत

क्षेत्रवासियों का कहना है कि नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केवल छोटे स्तर के आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। प्रशासन को उन लोगों तक पहुंचना होगा जो पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। यदि साइबर टीम, खुफिया तंत्र और पुलिस बल मिलकर समन्वित कार्रवाई करें तो नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचा जा सकता है।

लोगों का मानना है कि कठोर कानूनी कार्रवाई और निरंतर निगरानी से ही नशे के सौदागरों में कानून का भय पैदा होगा और युवाओं को इस दलदल में जाने से रोका जा सकेगा।

जनता का सवाल

जब आसपास के जिलों में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा सकते हैं, तो सक्ती जिले में ऐसी कार्रवाई कब होगी? आखिर नशे के कारोबारियों पर सख्त शिकंजा कब कसेगा?

अपील

नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। जिले के नागरिकों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। अब जिलेवासियों को केवल आश्वासनों नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाली प्रभावी कार्रवाई का इंतजार है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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