हरदीबाजार समेत आसपास के इलाकों से रोज पहुंच रहे लोग, उतरदा स्वास्थ्य केंद्र में मिल रहा त्वरित उपचार
कोरबा। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गांवों की गलियों से लेकर बाजार क्षेत्रों तक कुत्तों के झुंड लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं। आए दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में घायल लोग इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं।
पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में भी प्रतिदिन एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने मरीज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर हरदीबाजार और आसपास के गांवों से रोजाना दो से चार महिलाएं एवं पुरुष उपचार के लिए यहां आ रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की बढ़ती संख्या से साफ है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है।
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. गणेश प्रभुवा ने बताया कि कई बार लोग अनजाने में कुत्तों के पास चले जाते हैं या उन्हें छेड़ देते हैं, जिसके कारण कुत्ते हमला कर देते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में नावाडीह मोहल्ले के एक युवक और एक युवती को आवारा कुत्ते ने काट लिया था, जिन्हें तत्काल स्वास्थ्य केंद्र लाकर उपचार दिया गया।
डॉ. प्रभुवा ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि कुत्ते के काटने के बाद लापरवाही बिल्कुल न करें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। साथ ही घाव को 3 से 4 दिनों तक डिटॉल मिले साफ पानी से धोते और साफ रखते रहना चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
उन्होंने बताया कि उतरदा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल पा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र का पूरा स्टाफ भी मरीजों की सेवा में पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ जुटा हुआ है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर जल्द नियंत्रण करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।