कोरबा। जिले के पसान थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध अवस्था में मूर्छित लाश मिली है। परिजनों का आरोप है कि महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर शव को तालाब के पास फेंक दिया गया। इस मामले में जनपद उपाध्यक्ष समेत 5 व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मृतिका के पति गणपत सिंह ने कोरबा पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की कार्यवाही में पारदर्शिता और प्रभावित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
बताया गया कि मृतिका जयकुंवर, ग्राम कुम्हारी सानी निवासी थीं। 21 फरवरी 2026 को जयकुंवर ग्राम शिर्री में आयोजित एक दसगात्र कार्यक्रम में गई थीं। जाने से पहले उन्होंने अपने पति को बताया था। लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने काफी खोजबीन की। 26 फरवरी 2026 को परिजनों को सूचना मिली कि पसान क्षेत्र के सुखरी तालाब के पास एक महिला का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने शव की पहचान जयकुंवर के रूप में की।
पति के आरोपों के मुताबिक पहले उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, फिर उसकी हत्या की गई और शव को तालाब के पास फेंक दिया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं और उसमें गलत जानकारी दर्ज होने का आरोप लगाया है।
पोड़ी विकासखंड के जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़ बलात्कार और हत्या में शामिल बताए गए हैं। इस मामले में सुखदेव करियाम, शंकर नेटी, पवन सिंह मरकाम, कपिल करियाम और प्रकाश चंद्र जाखड़ के नाम सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार प्रकाश चंद्र जाखड़ पूर्व में भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी रह चुके हैं और वर्तमान में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के जनपद उपाध्यक्ष पद पर पदस्थ हैं।
परिजनों का आरोप है कि पसान थाना पुलिस द्वारा शुरू में केवल एक व्यक्ति को आरोपी बनाया गया, जबकि इसमें पांच लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रभावशाली लोगों के नाम जानबूझकर केस से हटाए गए, जिसके कारण अन्य आरोपियों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
परिजनों के अनुसार सुखदेव करियाम को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। लेकिन अब शेष चार लोगों के नाम सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि निष्पक्ष और गहन जांच कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए तथा दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है।