कृषकों को संतुलित उर्वरक व जल संचयन की दी गई जानकारी, भाटापारा में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

TEJASWI NATH SONI

April 15, 2026

बलौदाबाजार, 15 अप्रैल 2026। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश एवं उपसंचालक कृषि दीपक कुमार नायक के मार्गदर्शन में विकासखंड भाटापारा में कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैव उर्वरक एवं जल संचयन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।

📌 संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश उपाध्याय ने बताया कि संतुलित उर्वरकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के लिए शासन द्वारा जैव उर्वरक और हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की लागत कम होगी और मृदा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

🌱 नील हरित काई का महत्व

कार्यक्रम में बताया गया कि नील हरित काई धान फसल के लिए नाइट्रोजन का महत्वपूर्ण स्रोत है, जो प्रति हेक्टेयर 25–30 किलोग्राम नाइट्रोजन की पूर्ति करता है। इसके उपयोग से मृदा की जल धारण क्षमता बढ़ती है और फसल उत्पादन में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। साथ ही यह ऑक्सिन, जिबरेलिन जैसे पौध वृद्धि हार्मोन को भी बढ़ाता है।

📌 उपयोग की विधि

धान की खेती में नील हरित काई का उपयोग ब्यासी एवं रोपा दोनों पद्धतियों में किया जा सकता है। खेत में 12–15 किलोग्राम सूखे चूर्ण का छिड़काव कर 8–10 सेमी पानी बनाए रखना आवश्यक है, ताकि काई का सही विकास हो सके।

📢 किसानों में उत्साह

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम मोपकी एवं पौसरी के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान किसानों को उन्नत खेती अपनाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी महेंद्र बंजारे, आत्मा स्टाफ से ज्योति वर्मा, मुकेश तिवारी एवं अंकिता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

सह संपादक

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