79 साल बाद भी अंधेरे में 21 गांव, न बिजली न सड़क; शादी-ब्याह तक पर पड़ा असर

TOSHAN PRASAD CHOUBEY

June 10, 2026

बलौदाबाजार। देश जहां डिजिटल इंडिया और ग्रामीण विकास के दावों के साथ आगे बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सोनाखान ब्लॉक अंतर्गत बारनवापारा वनांचल क्षेत्र के 21 गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आज़ादी के 79 वर्ष बाद भी इन गांवों में न बिजली पहुंच सकी है और न ही पक्की सड़क का निर्माण हो पाया है।

घने जंगलों के बीच बसे इन गांवों में सूरज ढलते ही अंधेरा छा जाता है। बिजली नहीं होने के कारण बच्चों को लालटेन और मिट्टी के दीयों की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं मोबाइल चार्जिंग से लेकर दैनिक जीवन के सामान्य कार्य भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र होने के कारण रात के समय जंगली जानवरों और जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है, जिससे हमेशा भय का माहौल बना रहता है।

सड़क की समस्या भी ग्रामीणों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। बरसात के दिनों में कच्चे रास्ते दलदल में तब्दील हो जाते हैं और गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी खाट और डोली का सहारा लेना पड़ता है। कई किलोमीटर पैदल चलकर मरीजों को मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास से दूरी का असर अब सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। गांवों में बिजली और सड़क जैसी सुविधाएं नहीं होने के कारण विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए रिश्ते आने कम हो गए हैं। कई परिवार अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

इन समस्याओं को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रेस वार्ता कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क और बिजली की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए मजबूर होगी।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धरम लाल रात्रे ने कहा कि बारनवापारा वनांचल के 21 गांव आज भी सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सड़क नहीं होने के कारण बीमारों को खाट या डोली में अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विकास के अभाव में शादी योग्य युवक-युवतियों को भी रिश्ते मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। श्री रात्रे ने शासन-प्रशासन से शीघ्र सड़क और विद्युतीकरण कार्य शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

प्रबंध संपादक (Managing Editor)

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