मौसी के घर से मंदिर लौटे भगवान जगन्नाथ, रिकोकला में भक्तिभाव से मनाया गया ‘बिदा दशमी’ का पर्व
विशेष संवाददाता, रिकोकला
वनांचल के प्रसिद्ध ग्राम रिकोकला में बहुड़ा यात्रा का आयोजन अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। 12 दिनों तक मौसी के घर विश्राम करने के पश्चात भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा ‘बिदा दशमी’ पर वापस अपने धाम (मंदिर) पहुंचे।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अवसर पर निकली इस बहुड़ा यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। साईं मंदिर गली, बरपारा से लेकर बाजार चौक तक निकली यात्रा के दौरान पूरा गांव “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गुंजायमान रहा।
यात्रा मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों ने पूरी निष्ठा के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा की आरती-पूजन की और सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने भगवान को गजमूंग, लाई और नारियल का प्रसाद अर्पित किया।
उल्लेखनीय है कि आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली गई थी। गांव के साप्ताहिक बाजार के दिन निकली इस रथयात्रा के बाद से भगवान 12 दिनों तक मौसी के घर पर विश्राम में थे, जिसके बाद शुक्रवार को बहुड़ा यात्रा के माध्यम से उनकी पुनः मंदिर में वापसी हुई। बहुड़ा यात्रा के दिन गांव का साप्ताहिक बाजार भी सजा रहा, जिससे उत्सव का उत्साह दोगुना हो गया।
यह पावन आयोजन हर वर्ष की भांति शुक्ला परिवार एवं समस्त रिकोकला ग्रामवासियों के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।