घबराए नहीं, सभी सांप जहरीले नहीं होते – छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा,

BHUPENDRA SINHA

July 22, 2026

गरियाबंद:- छत्तीसगढ़ उड़ीसा सीमा पर दुरस्त जंगल क्षेत्र के गरियाबंद जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चरौदा, मिडिल स्कूल चरौदा एवं मिडिल स्कूल मोंगरा में बरसात के दिनों मे सर्प दंश से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाने किए जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के अध्यक्ष, सेवानिवृत अपर कलेक्टर विश्वास मेश्राम ने बरसात के इस मौसम में सांपों से बचाव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने “सर्पदंश की घटना हो जाने के बाद क्या करें एवं क्या नहीं करें” इसके बारे में विद्यार्थियों को बहुत गंभीरता से बताया। उन्होंने कहा कि हमें घबराना नहीं चाहिए क्योंकि 90 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हम थोड़ा जागरुक रहकर किसी जहरीले सांप के काटने के बाद भी अपने लोगों की अमूल्य जान बचा सकते हैं। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के इस प्रदेश स्तरीय जागरूकता अभियान में सक्रीय रूप से योगदान दे रहे शासकीय मिडिल स्कूल कसेकेरा के प्रधान अध्यापक डॉ . विजय शर्मा ने इस अभियान की जरूरत, गांव गांव इसके प्रचार प्रसार तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों की भूमिका को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने इसके साथ साथ पर्यावरण संरक्षण तथा जैव विविधता के बारे मे जानकारी दी और ” विज्ञान गीत – पेड़ हैं साँसे” बच्चों को सिखाया।

विज्ञान सभा के अध्यक्ष और विज्ञान आश्रम कसेकेरा के संस्थापक विश्वास मेश्राम ने साँपो की विभिन्न प्रजातियों के बारे में बताते हुए कहा कि सांपों को हम दो श्रेणीयों मे बाँट सकते है पहला विषहीन एवं दूसरा विषैला. आगे उन्होंने चार प्रकार के विषैले सांपों के लक्षण, व्यवहार, अनुकूलन, काटने के कारण और तरीके के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करैत सांप का जहर न्यूरो टॉक्सिक होता है और यह सभी विषैले सांपों यहां तक कि नाग सांप के जहर से भी ज्यादा जहरीला होता है। उन्होंने साँपो से सुरक्षा के उपाय जैसे घर के आसपास कूड़ा करकट न रखने, जमीन मे न सोने, मच्छरदानी का प्रयोग करने, रात में जूते पहन कर चलने, अँधेरे मे टार्च का प्रयोग करने, रात को रास्तों पर डंडा पटक कर चलने, फूल पैंट एवं फूल आस्तीन वाले कमीजें पहनने के लिए आगाह किया। उन्होंने बताया कि यदि किसी को जहरीला सांप काट ले तो हमें तत्काल चार पहिए वाहन से अस्पताल पहुंचाना चाहिए अथवा 108 नंबर पर फोन कर एम्बुलेंस बुलवाना चाहिए, मरीज की हिम्मत बढ़ाने, उसे ज्यादा हिलाने डुलाने से मना करते हुए मरीज को बाइक में सफर कराने से मना किया कि इससे जहर फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने पीड़ित व्यक्ति की हिम्मत बढ़ाने और उसे घबराने से बचाने को बहुत महत्वपूर्ण बताया क्योंकि काफी सारी मौतें डर के कारण हार्ट फेल होने से होती हैं।

उन्होने जोर देकर कहा कि प्रचलित विधियों जैसे झाड़ फुक के चक्कर मे समय नहीं गंवा कर जितना जल्दी हो सके चार पहिया वाहन या एंबुलेंस से अस्पताल मे पहुंचाने से सर्पदंश प्रभावित व्यक्ति की जान शत प्रतिशत बचाई जा सकती है। जहां उसे डाक्टरों की निगरानी में एंटी स्नेक वेनम का टीका लगाकर इसका उपचार किया जाता है। प्रतिवर्ष भारत मे लगभग 50 हजार लोग सर्प के काटने से मरते है। हम सब सर्पदंश रोकने के लिए जागरूकता फैला कर इन मौतों की संख्या में कमी कर सकते है। प्रधान अध्यापक डा विजय शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए मिडिल स्कूल कसेकेरा के योगदान पर चर्चा करते हुए कसेकेरा पहाड़ी पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी । उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान आश्रम कसेकरा की लाइब्रेरी सुविधा का लाभ उठाने और कैरियर गाइडेंस हेतु संपर्क करने की अपील की। उन्होंने बच्चों से प्रकृति को बचाने प्रति विद्यार्थी एक वृक्ष का वृक्षारोपण कर उसकी सुरक्षा करने का आह्वान किया। शासकीय हाई स्कूल के प्राचार्य पाल सिंग ध्रुव, मिडिल स्कूल चरोदा के प्रधान पाठक प्रवीण उपाध्याय और मिडिल स्कूल मोंगरा के प्रधान अध्यापक राम रतन मरकाम ने छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा द्वारा किए जा रहे सर्पदंश के बारे में जागरूकता अभियान की सराहना करते आभार व्यक्त किया। इस जागरूकता अभियान को सफ़ल बनाने में गरियाबंद जिले के शिक्षकों व्याख्याता नारायण साहू, देवसिंह ठाकुर, विमला पटेल, जय लाल ध्रुव, विक्की तोलानी, हेमलता बंजारे, नीहारिका सेन , परमानंद ठाकुर, खिलू राम सोनी एवं राहुल महानंद आदि का विशेष सहयोग रहा ।

सह संपादक

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