गबौद। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गबौद में बुधवार को शिक्षा, अनुशासन और जनभागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां निःशुल्क गणवेश वितरण, शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन और पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। नई वर्दी मिलते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, वहीं अभिभावकों ने विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि उप सरपंच पंकज घृतलहरे की उपस्थिति में कक्षा पहली से आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क नवीन गणवेश वितरित किए गए। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान और उत्साह से गुलजार नजर आया।
इसी दौरान शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) का सर्वसम्मति से गठन किया गया। श्रीमती पिंकी यादव को अध्यक्ष तथा सिया लाल बंजारे को उपाध्यक्ष चुना गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिलाया।
पालक-शिक्षक बैठक में कक्षा शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, सीखने के स्तर और आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। अभिभावकों ने भी बच्चों की पढ़ाई में नियमित सहयोग देने और विद्यालय से निरंतर जुड़े रहने का आश्वासन दिया।संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ के प्रांताध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम राय गुरुजी ने कहा कि गणवेश केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि समानता, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक है। विद्यालय और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास से ही बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार मिल सकते हैं। उन्होंने पालकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई और उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर मध्यान्ह भोजन समूह की ओर से सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों के लिए सामूहिक सहभोज का आयोजन किया गया। खीर, पूड़ी और मिठाई के साथ परोसे गए भोजन का सभी ने आनंद लिया। इस दौरान अभिभावक अपने बच्चों के साथ बैठकर भोजन करते नजर आए। विद्यालय परिसर का यह आत्मीय माहौल शिक्षा और समाज के मजबूत रिश्ते की मिसाल बन गया।
कार्यक्रम में प्रधान पाठक दानेश्वर साहू, शिक्षिका पूनम दर्रो, प्राथमिक प्रधान पाठक सीमा मनहरे, शिक्षिका कौशिल्या सोनकेवरे, भवानी चंद्राकर सहित शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विक्रम राय गुरुजी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संस्था प्रमुख दानेश्वर साहू ने किया।