
रिपोर्टर टेकराम कोसले
सक्ती जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग NH-49 की बदहाल स्थिति अब आम लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। विशेष रूप से श्री राम ट्रेडर्स के सामने सड़क के बीचों-बीच पड़ी गहरी और खतरनाक दरारें दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन चुकी हैं। सड़क की जर्जर हालत के चलते यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां पहिए दरारों में फंसने से रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
सड़क बनी दुर्घटनाओं का केंद्र
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के अनुसार NH-49 पर बनी ये गहरी दरारें किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही हैं। सड़क के बीचों-बीच उभरी खराब सतह और दरारें रात के समय और भी अधिक खतरनाक साबित हो रही हैं, जिससे वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं।
जिम्मेदार विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को सड़क की बदहाली की जानकारी दी गई, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि अधिकारियों द्वारा फोन रिसीव न करने की बात भी सामने आई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों और नागरिकों में बढ़ा आक्रोश
लगातार हो रहे हादसों से परेशान ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना या जनहानि हो सकती है।
जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
आम नागरिकों ने जिला कलेक्टर से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
कलेक्टर ने दिए जांच और मरम्मत के निर्देश
जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि NH-49 की खराब स्थिति की जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश देने की बात कही। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जल्द ही सड़क को सुरक्षित बनाया जाएगा।
जनता की निगाहें प्रशासन पर
अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इस जानलेवा सड़क समस्या का समाधान करेगा या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही व्यवस्था सक्रिय होगी।
NH-49 की यह खतरनाक स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है, जहां त्वरित कार्रवाई ही संभावित हादसों को रोक सकती है।