बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे ने बुलंद की पूर्ण शराबबंदी की मांग; मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
बिलाईगढ़ | बिलाईगढ़ विधानसभा के ग्राम झुमका में आयोजित ‘जन समस्या निवारण शिविर’ उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब क्षेत्रीय विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। विधायक ने न केवल मंच से अपनी बात रखी, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर महिलाओं और परिवारों के हित में तत्काल कड़े फैसले लेने का आग्रह भी किया।
शिविर के दौरान जनता को संबोधित करते हुए विधायक लहरे ने कहा कि प्रदेश में बढ़ता नशा आज सामाजिक पतन का सबसे बड़ा कारण बन गया है। उन्होंने शराब के दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया:
- घरेलू हिंसा और अपराध: शराब के कारण प्रदेश में घरेलू हिंसा और अपराध के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।
- आर्थिक संकट: गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार शराब की लत के कारण आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं।
- महिलाओं की सुरक्षा: प्रदेश की माताएं और बहनें लंबे समय से शराबबंदी की गुहार लगा रही हैं, लेकिन उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है।
विधायक कविता प्राण लहरे ने राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ और जन समस्याओं के त्वरित समाधान के दावों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि:
”क्या सरकार वास्तव में जनता की इस बुनियादी और महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने का साहस दिखाएगी, या फिर यह शिविर और सुशासन के दावे महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएंगे?”
विधायक ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के विकास और महिला सुरक्षा के लिए शराबबंदी कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश हित और सामाजिक सुधार को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को ‘नशा मुक्त प्रदेश’ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
अब पूरे बिलाईगढ़ क्षेत्र सहित प्रदेश की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील मुद्दे पर शासन का अगला रुख क्या होता है।