बारनवापारा अभयारण्य: काले हिरण पुनरुद्धार की नई मिसाल, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने की सराहना

TEJASWI NATH SONI

April 27, 2026

बलौदाबाजार, 26 अप्रैल 2026। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की सफलता का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। एक समय यहां से काले हिरण (ब्लैक बक) लगभग विलुप्त हो चुके थे, लेकिन अब यह अभयारण्य करीब 200 ब्लैक बक का सुरक्षित निवास बन गया है। यह उपलब्धि दीर्घकालिक प्रयासों, वैज्ञानिक प्रबंधन और पारिस्थितिक संतुलन के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।

🎙️ ‘मन की बात’ में सराहना

रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 133वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ में हो रहे ब्लैक बक संरक्षण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि—

“छत्तीसगढ़ में ब्लैकबक यानी काले हिरण फिर से दिखाई देने लगे हैं। एक समय इनकी संख्या बहुत कम हो गई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से आज ये खुले मैदान में दौड़ते नजर आते हैं। यह हमारी खोती विरासत की वापसी है।”

🌿 विलुप्ति से पुनरुद्धार तक

1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और आवास विनाश के कारण बारनवापारा क्षेत्र से कृष्णमृग लगभग गायब हो गए थे और करीब पांच दशकों तक स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।

अप्रैल 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की 9वीं बैठक में पुनरुद्धार योजना को मंजूरी दी गई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से काले हिरणों को पुनः बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने है।

📈 बढ़ी संख्या, मजबूत संरक्षण

लगातार संरक्षण और निगरानी के कारण अब काले हिरणों की संख्या बढ़कर लगभग 200 के आसपास पहुंच गई है। यह उपलब्धि न केवल वन विभाग की सफलता को दर्शाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रमाण है।

सह संपादक

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