बलौदाबाजार-भाटापारा। बलौदा बाजार जिला के पलारी ब्लाक में गदहीडीह से शुरू हुआ खूंखार आवारा कुत्ते का आतंक लच्छनपुर होते हुए मोहतरा तक पहुंच गया। सोमवार से मंगलवार तक कुत्ते ने ग्रामीणों के अनुसार 10 लोगों को अपना शिकार बनाया। बच्चों के घायल होने और एक बच्चे की आंख के पास गंभीर चोट आने के बाद तीनों गांवों में दहशत का माहौल था। मंगलवार को मोहतर्रा में रामलाल ध्रुव पर हमला हुआ तो ग्रामीणों का सब्र टूट गया। दर्जनों ग्रामीणों ने कुत्ते को घेरकर दौड़ाया। ग्रामीणों के अनुसार, पत्थरों से किए गए हमले में आखिरकार कुत्ते की मौत हो गई।
गदहीडीह में बच्चों से शुरुआत, लच्छनपुर में मचा हड़कंप
ग्रामीणों के अनुसार, कुत्ता सबसे पहले गदहीडीह पहुंचा, जहां उसने 3 बच्चों को काटकर घायल किया। इसके बाद वह लच्छनपुर पहुंचा और यहां भी कई लोगों पर हमला किया। लच्छनपुर में सौरभ मारकंडे, यशिका ध्रुव, पुष्कर ध्रुव, रिहान साहू, टीकम साहू, यामिनी साहू, भूमिका साहू और तनुज कुमार के घायल होने की जानकारी सामने आई।
नाक, आंख और हाथ पर चोट; एक बच्चा रायपुर रेफर
हमलों में नाक, आंख और हाथ समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट आने की बात सामने आई है। एक बच्चे की आंख के पास गंभीर चोट बताई जा रही है, जिसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।यामिनी साहू गदहीडीह निवासी का उपचार पीएचसी लच्छनपुर में कराया गया, जबकि तनुज कुमार गदहीडीह सीएचसी पलारी में उपचार दिया गया।
सोमवार शाम से तलाश, मंगलवार को फिर दिखा
कुत्ते को पकड़ने के लिए सोमवार शाम से ग्रामीण तलाश कर रहे थे। मंगलवार सुबह फिर दिखाई देने के बाद गांव के चारों तरफ खेत-खलिहान और आसपास के इलाकों में खोजबीन तेज कर दी गई। कुत्ते के गदहीडीह या पास के मोहतरा खार क्षेत्र की ओर से आने की चर्चा भी ग्रामीणों में रही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मोहतरा में 10वां हमला और फिर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
मंगलवार को मोहतरा में रामलाल ध्रुव पर हमले की खबर फैलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में जुट गए। कुत्ते को घेरकर पकड़ने की कोशिश की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, कुत्ता भागता रहा और लोग उसके पीछे दौड़ते रहे। आखिरकार उसे घेर लिया गया और पत्थरों से किए गए हमले में उसकी मौत हो गई।ग्रामीणों का कहना है, “आज नहीं रोकते तो पता नहीं आगे और कितने मासूमों और लोगों को नुकसान पहुंचाता।”
सरपंच ने पहले ही की थी सावधानी की अपील
लच्छनपुर ग्राम पंचायत के सरपंच भूपेंद्र साहू ने ग्रामीणों से कुत्ते से दूर रहने, बच्चों को सुरक्षित रखने और खुद उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करने की अपील की थी।
कुत्ता खत्म… अब प्रशासन की बारी
कुत्ते की मौत के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन घटना ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी कई आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन अब जागेगा?
एक आवारा कुत्ते ने 24 घंटे में तीन गांवों को दहला दिया, 10 लोगों के घायल होने की बात सामने आई और आखिरकार ग्रामीणों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। अब ग्रामीणों की मांग साफ है—इस घटना को यहीं खत्म न माना जाए। शासन-प्रशासन तत्काल जागे और क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि अगली बार किसी मासूम को अपनी जान की कीमत न चुकानी पड़े।