यादव समाज की जन्माष्टमी बनी बदलाव का मंच, महिला कमांडो को आईडी कार्ड-बैज देकर बढ़ाया हौसला
बम्हनी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लास, समाज की एकजुटता और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश—ग्राम पंचायत बम्हनी में आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी का समारोह इस बार कुछ अलग ही रंग लेकर आया। यादव समाज के इस आयोजन में जहां कान्हा के जयकारों से माहौल भक्तिमय हुआ, वहीं नशामुक्ति के लिए मैदान में डटी महिला कमांडो के सम्मान ने पूरे आयोजन को सामाजिक सरोकार से जोड़ दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद सभापति नीलिमा चरणदास कोशले शामिल हुईं। ग्राम पंचायत बम्हनी के सरपंच भूपेंद्र देवांगन, समस्त पंचगण, यादव समाज के पदाधिकारी एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में जन्माष्टमी पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया।
कान्हा के जन्मोत्सव से निकला बदलाव का संदेश
समारोह की खास बात यह रही कि धार्मिक आयोजन को महज पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रखा गया। समाज को नशे जैसी सामाजिक बुराई से मुक्त करने के लिए काम कर रही महिलाओं को मंच पर सम्मान देकर यह संदेश दिया गया कि त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत का भी माध्यम बन सकते हैं।नशामुक्ति अभियान में सक्रिय महिला कमांडो की अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को जनपद सभापति नीलिमा चरणदास कोशले एवं सरपंच भूपेंद्र देवांगन द्वारा आईडी कार्ड और बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महिलाओं ने संभाली जिम्मेदारी, समाज ने बढ़ाया हौसला
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए महिला कमांडो द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। गांव में नशामुक्त वातावरण तैयार करने और लोगों को जागरूक करने की दिशा में महिलाओं की यह पहल ग्रामीण समाज के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में सामने आई। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मिला यह सम्मान महिला कमांडो के लिए केवल सम्मान-पत्र या पहचान का प्रतीक नहीं, बल्कि उनके सामाजिक संघर्ष और जिम्मेदारी को सार्वजनिक स्वीकार्यता देने वाला कदम भी रहा।
आस्था, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी—एक मंच पर
बम्हनी की यह जन्माष्टमी इसलिए भी खास रही कि यहां भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के साथ समाज सुधार का संकल्प भी दिखाई दिया। यादव समाज के पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला कमांडो और ग्रामीणों की सहभागिता ने आयोजन को सामूहिकता का स्वरूप दिया। कुल मिलाकर बम्हनी में मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी ने यह संदेश दिया कि कान्हा के जन्म का उत्सव तभी सार्थक है, जब समाज में प्रेम, एकता और बुराइयों के खिलाफ खड़े होने का साहस भी जन्म ले।धार्मिक उल्लास के बीच महिला कमांडो का सम्मान इसी सकारात्मक सोच की एक अनूठी तस्वीर बनकर सामने आया।