रायगढ़ में अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़: फर्जी परमिट से हरियाणा भेजी जा रही थी खैर-तेंदू की लकड़ी, तीन मुख्य तस्कर गिरफ्तार
रायगढ़: छत्तीसगढ़, ओडिशा, और मध्य प्रदेश के जंगलों से कीमती लकड़ियों की कटाई कर उन्हें हरियाणा तक खपाने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट को रायगढ़ पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बेनकाब कर दिया है। फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी शशि मोहन सिंह, डीएफओ अरविंद पीएम, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा ने इस संगठित गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा किया।
फर्जीवाड़े की आड़ में सिंडिकेट का खेल जांच में सामने आया कि यह गिरोह छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से खैर व तेंदू जैसी बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई कराता था। इसके बाद फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट तैयार कर इन लकड़ियों का अवैध भंडारण किया जाता और फिर बड़ी खेप हरियाणा समेत अन्य राज्यों में खपाई जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- रोहित मित्तल (पिता सुभाष मित्तल) – निवासी अग्रसेन कॉलोनी, विकास नगर, कोतरा रोड, रायगढ़
- मनीष अग्रवाल (पिता राधेश्याम अग्रवाल) – निवासी मकान नं. 72/1, मुड़पार, बलौदाबाजार
- सलाउद्दीन खान (पिता इलाउद्दीन खान) – निवासी सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
संगठित अपराध और वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज मामले में थाना जूटमिल में आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, भारतीय वन अधिनियम तथा संगठित अपराध से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस और वन विभाग अब गिरोह के वित्तीय लेनदेन, ट्रांसपोर्टेशन रूट तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अंतर्राज्यीय खरीदारों की धरपकड़ में जुट गए हैं।