एम्स रायपुर ने रचा इतिहास: 100 सफल किडनी प्रत्यारोपण कर स्थापित किया नया कीर्तिमान
रायपुर, [6 जुलाई 2026]
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने 100 सफल किडनी प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) पूरे कर मध्य भारत में चिकित्सा का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
संस्थान का 100वां सफल किडनी प्रत्यारोपण बीते 30 जून 2026 को कांकेर जिले के एक 54 वर्षीय मरीज पर किया गया। यह मरीज पिछले चार वर्षों से डायलिसिस पर निर्भर था, जिसे उसकी पत्नी ने अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया। वर्तमान में दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और ट्रांसप्लांट आईसीयू में तेजी से रिकवर कर रहे हैं
एम्स रायपुर का किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम आज देश के अग्रणी चिकित्सा कार्यक्रमों में से एक बन चुका है। नए स्थापित सभी एम्स संस्थानों में मृत अंगदाता (Deceased Donor) अंगदान कार्यक्रम शुरू करने वाला यह देश का पहला एम्स है। संस्थान की विशेषज्ञ टीम ने अब तक कई जटिल और अत्याधुनिक प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जिनमें शामिल हैं:
- किडनी पेयर्ड डोनेशन (स्वैप ट्रांसप्लांट)
- रक्त समूह असंगत (ABO-Incompatible) किडनी प्रत्यारोपण
- बच्चों में किडनी प्रत्यारोपण
छत्तीसगढ़ का एकमात्र सरकारी संस्थान होने के नाते, जहां किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है, एम्स रायपुर ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है।
- अब तक किए गए 100 किडनी प्रत्यारोपणों में से 98 ट्रांसप्लांट आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क किए गए हैं।
- संस्थान ने उत्कृष्ट चिकित्सा मानकों का प्रदर्शन करते हुए 91 प्रतिशत ग्राफ्ट सर्वाइवल तथा 92 प्रतिशत मरीज सर्वाइवल दर हासिल की है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर एम्स रायपुर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें प्रत्यारोपण टीम, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स, आईसीयू नर्सिंग स्टाफ और आयुष्मान मित्रों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने जीवित अंगदाताओं के साथ-साथ उन 14 दिवंगत अंगदाताओं के परिवारों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दुख की घड़ी में भी अंगदान का महान निर्णय लेकर दूसरों को नया जीवन दिया।
”100 सफल किडनी प्रत्यारोपण केवल एक संख्या नहीं, बल्कि एम्स रायपुर की उच्चस्तरीय चिकित्सा क्षमता और टीमवर्क का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। वर्तमान में लगभग 150 क्रॉनिक किडनी रोगी मृत अंगदाता से किडनी मिलने की प्रतीक्षा सूची में हैं। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे अंगदान का संकल्प लें। आपका एक निर्णय किसी को नया जीवन दे सकता है।”
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