बलौदाबाजार, 30 मई 2026। खरीफ वर्ष 2026-27 की खेती के लिए जिले की सहकारी समितियों में खाद एवं बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसान समितियों से उर्वरक एवं बीज का अग्रिम उठाव तेजी से कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष समितियों में उर्वरक भंडारण हेतु 58,350 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 24,299 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। समितियों द्वारा 4,102 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है तथा वर्तमान में 20,197 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
इसी प्रकार बीज भंडारण का लक्ष्य 32,690 क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध 6,593 क्विंटल बीज का भंडारण तथा 3,338 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है।
किसानों को खेती-किसानी में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि ट्रैक्टरों के लिए आवश्यकता अनुसार डीजल उपलब्ध रहेगा। किसान ट्रैक्टर के लिए डिब्बे अथवा जरीकेन में भी डीजल ले सकते हैं।
उप संचालक कृषि के अनुसार जिले में सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने हेतु वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए गए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाने की सलाह दी गई है। किसानों को रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद एवं हरी खाद के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
खरीफ 2026 में भूमि धारिता के आधार पर किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत तथा डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। शेष 20 प्रतिशत यूरिया एवं 40 प्रतिशत डीएपी की पूर्ति वैकल्पिक उर्वरकों (एनपीके) अथवा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के माध्यम से की जाएगी।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को नैनो उर्वरक लेने के लिए किसी भी स्थिति में बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की अनुशंसा के आधार पर तैयार चार्ट सभी विक्रय केंद्रों में उपलब्ध कराया गया है। इसके अनुसार नैनो उर्वरक नहीं लेने की स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया तथा 1-1 बोरी डीएपी एवं एमओपी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।