सरिया में सक्षम जिला इकाई ने मनाई अष्टावक्र जयंती, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर छात्राओं को दिया जागरूकता का संदेश

TEKRAM KOSLE

October 11, 2026

रिपोर्टर टेकराम कोसले

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता यादव रहीं मुख्य अतिथि, राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधान पाठिका सरिता सिदार ने अष्टावक्र जी के जीवन और ज्ञान पर डाला प्रकाश

छात्रावास की अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस ने अपने खर्च से छात्राओं को वितरित की स्पोर्ट्स ड्रेस

सरिया, छत्तीसगढ़। सक्षम जिला इकाई सारंगढ़ के सदस्यों द्वारा सरिया स्थित छात्रावास में अष्टावक्र जयंती एवं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इस वर्ष उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधान पाठिका एवं सक्षम जिला इकाई की जिला संयोजक श्रीमती सरिता सिदार ने की। छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती आयलिन मिंज थामस विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, शिक्षा के महत्व को समझाना तथा महर्षि अष्टावक्र के जीवन और उनके ज्ञान से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

मानसिक स्वास्थ्य बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला : सुनीता यादव

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य उनके जीवन के लक्ष्यों, व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, परिवार एवं समाज से जुड़ा तनाव और पढ़ाई में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का दबाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को तनावमुक्त और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं, ताकि बच्चे अपनी क्षमताओं को पहचानकर लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें।

श्रीमती यादव ने छात्राओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने, अपने आसपास के वातावरण के दबाव में आए बिना पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने तथा जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने परीक्षा के दौरान शांत मन से तैयारी करने, समय का उचित प्रबंधन करने और अनावश्यक तनाव से बचने के उपाय भी बताए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच पर भी ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की समस्याओं को समझते हुए उनका मार्गदर्शन करना चाहिए, ताकि वे बिना किसी अनावश्यक दबाव के अपने लक्ष्य हासिल कर सकें।

महर्षि अष्टावक्र के ज्ञान और जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधान पाठिका एवं सक्षम जिला संयोजक श्रीमती सरिता सिदार ने अष्टावक्र जयंती के अवसर पर महर्षि अष्टावक्र के जीवन, ज्ञान और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि महर्षि अष्टावक्र का जीवन इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट उसकी प्रतिभा, बुद्धिमत्ता और ज्ञान की सीमा निर्धारित नहीं करती। उनका शरीर आठ स्थानों से वक्राकार था, लेकिन उनका ज्ञान, तर्कशक्ति और आध्यात्मिक चिंतन असाधारण था।

श्रीमती सिदार ने महर्षि अष्टावक्र से जुड़ी पारंपरिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने बचपन से ही अद्भुत बुद्धिमत्ता और ज्ञान का परिचय दिया था। उन्होंने शास्त्रार्थ में अपनी प्रतिभा के बल पर विद्वानों को पराजित किया और आगे चलकर महान ऋषि एवं ज्ञानी के रूप में प्रतिष्ठित हुए।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प, निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। विद्यार्थियों को परिस्थितियों से निराश होने के बजाय अपनी प्रतिभा को पहचानना चाहिए और ज्ञान के माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।

अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस ने छात्राओं को वितरित की स्पोर्ट्स ड्रेस

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती आयलिन मिंज थामस ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संस्था के लिए गौरव की बात है कि उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सुनीता यादव और राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधान पाठिका सरिता सिदार जैसी प्रेरणादायक शिक्षिकाओं का मार्गदर्शन छात्राओं को प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, सकारात्मक सोच और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। अतिथियों के विचारों से छात्राओं को नई दिशा और सीख प्राप्त करने का अवसर मिला है।

इस अवसर पर श्रीमती आयलिन मिंज थामस ने अपने निजी खर्च से छात्रावास की सभी छात्राओं को स्पोर्ट्स ड्रेस वितरित की। इस पहल से छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। छात्राओं के हित में किए गए इस सहयोग को कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पक्ष माना गया।

राष्ट्रपति और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिकाओं का हुआ सम्मान

कार्यक्रम का संचालन सक्षम की बरमकेला ब्लॉक संयोजक श्रीमती डालिमा सिदार ने किया। इस दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव और राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधान पाठिका श्रीमती सरिता सिदार को उनके उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए साल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने दोनों शिक्षिकाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत होता है। ऐसे आयोजन समाज में शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सक्षम जिला इकाई के सदस्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर सक्षम जिला इकाई की जिला संयोजक श्रीमती सरिता सिदार, डालिमा सिदार, अनिता उरांव, जयमंती भगत, संतोषी पैकरा, वीणा पटेल, छात्रावास अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस, प्रशंसा सिंह सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करने, शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा महर्षि अष्टावक्र के ज्ञान और जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

इस आयोजन ने शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के सम्मान और छात्राओं के सहयोग को एक मंच पर लाकर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया।

संपादक { समाचार }

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