महासमुंद। सरायपाली जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सरायपाली पुलिस ने नकली होलोग्राम और छत्तीसगढ़ स्टेट के नकली लेबल लगाकर बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंटेनर ट्रक, डस्टर कार और आरोपियों के कब्जे से कुल 3229 लीटर 860 मिलीलीटर अवैध अंग्रेजी शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 22 लाख 15 हजार 120 रुपये है, जब्त की है। मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत 11 अगस्त 2026 को अवैध शराब परिवहन के खिलाफ अभियान के दौरान हुई। सरायपाली पुलिस ने डस्टर कार क्रमांक CG 04 PS 3481 की जांच की, जिसमें 25 पेटियों में 1192 पौव्वा गोवा अंग्रेजी शराब मिली। इसकी कुल मात्रा 214 लीटर 560 मिलीलीटर तथा कीमत 1 लाख 43 हजार 40 रुपये बताई गई है।
पूछताछ और मेमोरण्डम के आधार पर आरोपी अमित पटेल के कब्जे से विभिन्न ब्रांड की 46 बोतल अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई। इन बोतलों में कुल 34 लीटर 500 मिलीलीटर शराब थी, जिसकी कीमत 84 हजार 880 रुपये बताई गई। इसके अलावा HR-13-X-3220 नंबर के कंटेनर ट्रक से 345 पेटियों में भरी गोवा अंग्रेजी शराब बरामद की गई। प्रत्येक पेटी में 48 पौव्वे और प्रत्येक पौव्वे में 180 मिलीलीटर शराब थी। कंटेनर से कुल 2980 लीटर 800 मिलीलीटर शराब, जिसकी कीमत 19 लाख 87 हजार 200 रुपये बताई गई, जब्त की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह शराब तस्करी नेटवर्क महासमुंद के साथ-साथ सारंगढ़, रायगढ़ और जांजगीर जिलों तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजेश पटेल स्थानीय स्तर पर शराब की थोक बिक्री से जुड़ा था, जबकि अजित पटेल और अमित पटेल थोक खरीदार के रूप में सामने आए। रायगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री से जुड़े विनय सिंह ठाकुर को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
गुड़गांव से पकड़ा गया अंतरराज्यीय आरोपी
जांच के दौरान नकली होलोग्राम और लेबल से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मामले में बीएनएस की अतिरिक्त धाराएं जोड़ीं। पुलिस के अनुसार, नकली होलोग्राम, लेबल, बोतल और शराब कंटेनर उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े धीरज आहूजा को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को जांच में अन्य राज्यों तक अवैध शराब नेटवर्क के तार जुड़े होने के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।
आबकारी विभाग की जांच में शराब पर लगे होलोग्राम और लेबल के नकली होने की पुष्टि होने के बाद मामले में फर्जीवाड़ा और संगठित अपराध से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं।
ढाबों और होटलों तक पहुंच रहा था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, बड़ी मात्रा में शराब खरीदकर स्थानीय स्तर पर ढाबों और दुकानों के माध्यम से खुदरा बिक्री करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान ममता होटल, मंजीत ढाबा, बिहारी होटल, समीर ढाबा और मां भांचा ढाबा से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी दी गई है।
50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त
पुलिस ने मामले में अवैध शराब के अलावा परिवहन में प्रयुक्त वाहनों और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री में करीब 3 लाख रुपये कीमत की डस्टर कार, 10 लाख रुपये कीमत का कंटेनर ट्रक, करीब 15 लाख रुपये कीमत की क्रेटा कार और तीन मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 50 लाख 30 हजार 120 रुपये है।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने राजेश पटेल, अजित पटेल, अमित पटेल, विनय सिंह ठाकुर और धीरज आहूजा को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 25 सितंबर 2026 को आयुस महापात्र और स्वरूप सिंह सलूजा की गिरफ्तारी की जानकारी भी पुलिस द्वारा दी गई है।
मामले में अपराध क्रमांक 264/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) तथा बीएनएस की धारा 111(2), 338, 336(3), 340(4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। शराब के स्रोत, परिवहन व्यवस्था, नकली होलोग्राम और लेबल तैयार करने वाले नेटवर्क तथा बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी विवेचना की जा रही है।