शासकीय योजना के नाम पर 138 महिलाओं से करोड़ों की ठगी, बैंक के 2 मुख्य बी.सी. गिरफ्तार
दिनांक: 01 जुलाई 2026
पिरदा/बसना
शासकीय योजना और मुफ्त कुकर का लालच देकर ग्राम पिरदा की 138 ग्रामीण महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन निकालकर करोड़ों रुपये गबन करने वाले अंतर्राज्यीय ठगी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आज दिनांक 01.07.2026 को दो मुख्य आरोपियों, जो बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) के रूप में कार्यरत थे, को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम लक्ष्मीचन्द देवांगन और मनोहर जटवार बताए जा रहे हैं।
ठगी का यह पूरा खेल बेहद शातिर तरीके से खेला गया। मुख्य एजेंट और मामले के मास्टरमाइंड सुदर्शन साहू (जिसे पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है) ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं और फ्री कुकर का प्रलोभन देकर इकट्ठा किया। इसके बाद, बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट लेते समय महिलाओं को गुमराह किया गया।
मशीन में ‘सिस्टम एरर’ आने का झूठा बहाना बनाकर एक-एक महिला से ३ से ४ बार फिंगरप्रिंट लिए गए। इस दौरान उनके मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को भी चालाकी से हासिल कर लिया गया। महिलाओं को भनक भी नहीं लगी और उनकी सहमति के बिना उनके नाम पर लाखों रुपये के फर्जी लोन पास करा लिए गए।
गिरफ्तार किए गए दोनों मुख्य आरोपी, लक्ष्मीचन्द देवांगन और मनोहर जटवार, बैंक बी.सी. (Business Correspondent) के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने पीड़ित महिलाओं से कभी सीधा संपर्क नहीं किया। वे पर्दे के पीछे रहकर अपनी बी.सी. आईडी (BC ID) का दुरुपयोग करते रहे। जैसे ही मास्टरमाइंड सुदर्शन साहू महिलाओं के फिंगरप्रिंट और ओटीपी लेता, ये दोनों आरोपी बैंक सिस्टम का फायदा उठाकर लोन की राशि को स्वीकृत करते और करोड़ों रुपये आहरित (Withdraw) कर गबन कर लेते थे।
मुख्य बिंदु: ठगी का तरीका
- प्रलोभन: सरकारी योजना और मुफ्त कुकर का झांसा।
- हथकंडा: बायोमेट्रिक मशीन में ‘सिस्टम एरर’ का बहाना बनाकर ३-४ बार फिंगरप्रिंट लेना।
- धोखाधड़ी: बिना सहमति के फर्जी लोन पास कराना और मोबाइल ओटीपी का गलत इस्तेमाल।
- मास्टरमाइंड: मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू (पहले ही जेल में)।
- ताजा गिरफ्तारी: बैंक बी.सी. लक्ष्मीचन्द देवांगन और मनोहर जटवार।
मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिलाओं को लोन भुगतान के नोटिस मिलने शुरू हुए। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मास्टरमाइंड सुदर्शन साहू की गिरफ्तारी के बाद से ही ये दोनों बैंक बी.सी. रडार पर थे। आज पुख्ता सबूतों के आधार पर इन्हें धर दबोचा गया। पुलिस अब इनके बैंक खातों और गबन की गई करोड़ों की राशि की रिकवरी में जुट गई है। इस मामले में कुछ अन्य बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।