बसना/महासमुंद। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही बसना विधानसभा क्षेत्र में खाद संकट गहराता जा रहा है। किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक नहीं मिलने से खेती-किसानी प्रभावित होने लगी है। इसी मुद्दे को लेकर बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने किसान कांग्रेस बसना ब्लॉक अध्यक्ष केशव साव तथा वरिष्ठ कांग्रेसी महिपाल जटाल के साथ क्षेत्र की विभिन्न ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों का निरीक्षण किया।
मोक्ष कुमार प्रधान ने अंकोरी, कायतपाली, चिमरकेल और बड़े ढाभा स्थित सहकारी समितियों का दौरा कर वहां खाद की उपलब्धता और किसानों की समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने बताया कि खरीफ फसल की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन समितियों में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों का आरोप है कि उन्हें मांग के अनुसार डीएपी देने के बजाय यूरिया और सुपर फॉस्फेट दिया जा रहा है, जिससे खेती की तैयारी प्रभावित हो रही है।
किसानों ने कहा कि धान समेत अन्य खरीफ फसलों की शुरुआती वृद्धि के लिए डीएपी खाद अत्यंत आवश्यक होता है। समय पर इसकी उपलब्धता नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कई किसानों ने बताया कि वे समितियों में बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन फिर भी उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रहा है।
निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मोक्ष कुमार प्रधान ने राज्य सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अन्नदाता आज खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। किसान समितियों में ऋण लेकर अग्रिम राशि जमा करते हैं, इसके बावजूद उन्हें आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। यह स्थिति किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे हैं। खरीफ सीजन के शुरुआती दौर में यदि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हुआ तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और प्रदेश के कृषि उत्पादन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मोक्ष प्रधान ने मांग करते हुए कहा कि सरकार तत्काल सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में डीएपी, एनपीके और अन्य आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है, जिसके कारण किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में खाद संकट का समाधान नहीं किया गया और समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया गया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक व्यापक आंदोलन करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान किसान कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने एक स्वर में खाद संकट का शीघ्र समाधान करने और सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से उनकी खेती और आजीविका दोनों प्रभावित हो रही हैं, इसलिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।