जाड़ामुड़ा सहकारी समिति में खाद संकट, किसानों की बढ़ी चिंता-मोक्ष कुमार प्रधान

SARJU PRASAD SAHU

June 15, 2026

महासमुंद/बसना। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन बसना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली जाड़ामुड़ा सहकारी समिति में खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खाद वितरण नहीं होने से बड़ी संख्या में किसान प्रतिदिन समिति का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसका सीधा असर खेती-किसानी की तैयारियों पर पड़ रहा है और किसानों में चिंता का माहौल है।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से खाद की उम्मीद में समिति पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने के चलते किसान समय पर खेतों की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।

इस गंभीर स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने किसानों की समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान दिन-रात मेहनत कर देश और प्रदेश की खाद्य व्यवस्था को मजबूत बनाता है, लेकिन आज वही किसान खाद जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए भटकने को मजबूर है। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि जून माह लगभग समाप्ति की ओर है, इसके बावजूद किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। किसान पहले ही मौसम की अनिश्चितता, प्राकृतिक आपदाओं और कृषि लागत में लगातार हो रही वृद्धि से परेशान हैं। ऐसे समय में खाद संकट ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।

उन्होंने प्रशासन और कृषि विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जाड़ामुड़ा सहकारी समिति सहित क्षेत्र की सभी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मोक्ष कुमार प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही खाद संकट का समाधान नहीं किया गया और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो किसानों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के सम्मान और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

क्षेत्र के किसानों ने भी प्रशासन से मांग की है कि खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने से पहले खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती का कार्य प्रभावित न हो और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। वर्तमान में जाड़ामुड़ा सहकारी समिति का खाद संकट क्षेत्र के किसानों के लिए एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिस पर जल्द समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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