हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सिम्स के आसपास यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था होगी सुदृढ़, संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना

SARJU PRASAD SAHU

August 1, 2026

बिलासपुर में हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सिम्स अस्पताल के आसपास यातायात और पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए संयुक्त बैठक हुई। अधिकारियों ने जाम, अतिक्रमण, एम्बुलेंस पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया।

बिलासपुर। 1 अगस्त। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सिम्स चिकित्सालय के आसपास लगातार बढ़ रही यातायात और पार्किंग की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनहित याचिका (PIL-93/2023) के संदर्भ में आयोजित संयुक्त बैठक में यातायात पुलिस, नगर निगम और सिम्स प्रबंधन के अधिकारियों ने अस्पताल परिसर के आसपास जाम की समस्या खत्म करने तथा आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए विस्तृत चर्चा की।

बैठक में अधिकारियों ने माना कि सिम्स के समीप रिवर व्यू रोड से सदर बाजार की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर अनियोजित पार्किंग, सड़क किनारे संचालित ठेले-गुमटियां, निजी एम्बुलेंसों की अव्यवस्थित पार्किंग तथा दुकानों में आने वाले लोगों द्वारा सड़क पर वाहन खड़े किए जाने से रोजाना जाम की स्थिति बनती है। इसका सबसे अधिक असर उन मरीजों पर पड़ता है जिन्हें आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता होती है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति, गंभीर मरीज और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में अस्पताल क्षेत्र को पूरी तरह सुगम, सुरक्षित और आपातकालीन सेवाओं के अनुकूल बनाने पर सहमति बनी। इसके लिए पार्किंग स्थलों का वैज्ञानिक चिन्हांकन, निजी एम्बुलेंसों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित ठेले-गुमटियों का नियमन, नो-पार्किंग जोन का निर्धारण, आवश्यक यातायात संकेतकों की स्थापना तथा नियमित निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया गया।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स प्रदेश का प्रमुख शासकीय चिकित्सालय है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर और आपातकालीन मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के आसपास सुचारु यातायात और व्यवस्थित पार्किंग केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि मरीजों के जीवन की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से अस्पताल परिसर के आसपास की व्यवस्था पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और जाममुक्त बनाई जाएगी।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। यदि एम्बुलेंस या मरीजों के वाहन ट्रैफिक जाम में फंस जाते हैं तो उपचार शुरू होने में अनावश्यक विलंब हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावी यातायात प्रबंधन, वैज्ञानिक पार्किंग व्यवस्था और नियमित निगरानी से मरीजों एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी और आपातकालीन सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।

बैठक में यातायात डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार, नगर पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, नगर निगम के जोन कमिश्नर अंकुर पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने शीघ्र संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि सिम्स चिकित्सालय के आसपास यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और जनहितैषी बनाया जा सके।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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