कोरबा के करतला वन परिक्षेत्र के बड़मार गांव में खेत में काम कर रहे ग्रामीण जगेशर सिंह राठिया की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल, वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई।
कोरबा। जिले के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत बड़मार गांव में शनिवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां खेत में काम करने गए एक ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है, वहीं आसपास के ग्रामीणों में भी भय और चिंता का माहौल है।
मृतक की पहचान जगेशर सिंह राठिया के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वे रोज की तरह सुबह अपने खेत में कृषि कार्य करने गए थे। इसी दौरान खेत के आसपास विचरण कर रहे एक जंगली हाथी से उनका आमना-सामना हो गया। इससे पहले कि वे खुद को सुरक्षित स्थान तक पहुंचा पाते, हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें कुचल दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। अपनों को इस हालत में देखकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा शासन के नियमानुसार मुआवजा प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
इस दुखद घटना के बाद बड़मार सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने, समय पर सूचना उपलब्ध कराने और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वन विभाग ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिले, वहां अकेले जाने से बचें। खेत या जंगल की ओर जाने से पहले आसपास की जानकारी लें तथा हाथियों की किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बढ़ते संघर्ष की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।