सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत 16 दिनों से लंबित, सुशासन शिविर के वादे धरे रह गए

SARJU PRASAD SAHU

May 25, 2026

कोरबा। जिले के रतिजा में प्रशासनिक उदासीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि प्रताप सिंह कंवर द्वारा 9 मई 2026 को सुशासन तिहार शिविर में दी गई शिकायत पर 16 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस लापरवाही ने प्रशासनिक तंत्र और सुशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रताप सिंह कंवर ने सुशासन तिहार शिविर में आवेदन देकर बताया था कि उनकी निजी जमीन पर बिजली विभाग का एक ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। उन्होंने ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग की थी, ताकि जमीन का उपयोग किया जा सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके। गौरतलब है कि पहले भी इस ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटना हो चुकी है, जिससे बड़ा हादसा टल गया था। इस घटना के बाद भी ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रांसफार्मर को हटाना आवश्यक हो गया था।
मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि

शिकायत के समय सुशासन तिहार शिविर में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली एसडीएम रोहित सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सभापति माया रुपेश कंवर, जनपद पंचायत अध्यक्ष पूर्णिमा शोभा सिंह जगत सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और सुशासन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।

बिजली कर्मियों पर मांग रुपयों का आरोप

प्रताप सिंह कंवर ने गंभीर आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद जब उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया, तो उन्होंने ट्रांसफार्मर हटाने के नाम पर कहा कि “इसमें खर्चा लगेगा” और पैसों की मांग की जा रही है। सरपंच प्रतिनिधि ने इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला बताया है।

ग्रामीणों में रोष

इस पूरे मामले से ग्रामीणों में भारी रोष है। उनका कहना है कि जब ग्राम पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि की शिकायत पर ही 16 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आम ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:

1. ट्रांसफार्मर को तत्काल हटाया जाए।
2. इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
3. सुशासन तिहार शिविर में दिए गए वादों को जमीनी स्तर पर पूरा किया जाए।

प्रताप सिंह कंवर ने कहा कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह मामला कोरबा जिले में सुशासन और प्रशासनिक कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

संपादक { विज्ञापन‍ }

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