पिथौरा। बरसात का मौसम शुरू होते ही पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। अस्पताल की ओपीडी और वार्ड में प्रतिदिन बुखार, सर्दी-जुकाम, उल्टी-दस्त, डायरिया, मलेरिया तथा त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है, दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है तथा स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी भी बढ़ाई गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल ने लोगों से बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। गंदे पानी और मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पिएं तथा खुले में बिकने वाले शरबत, जूस और बर्फ का सेवन करने से बचें।
उन्होंने लोगों को ताजा एवं अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाने, बासी और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से परहेज करने तथा भोजन से पहले और शौचालय के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह दी।
बीएमओ ने मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकी और गमलों का पानी हर तीन दिन में बदलने तथा रात में मच्छरदानी का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश में भीगने के बाद तुरंत गीले कपड़े बदलें और पैरों को सूखा रखें, ताकि फंगल संक्रमण से बचा जा सके।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, उल्टी-दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवाइयों का सेवन न करें। उल्टी-दस्त की स्थिति में शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए ORS का घोल और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीना जरूरी है।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ले जाने से बचें और पौष्टिक एवं ताजा भोजन दें। नमी के कारण होने वाली खुजली, फोड़े-फुंसी या अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं पर भी तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। साथ ही घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा नालियों की नियमित सफाई कराएं।
बीएमओ ने बताया कि पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की जांच की पूरी सुविधा उपलब्ध है। सभी आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तथा गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।
उन्होंने कहा, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम बरसात के मौसम में होने वाली अधिकांश बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।