शासकीय नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाला फरार आरोपी अनिल भास्कर गिरफ्तार
गिरौदपुरी (छत्तीसगढ़): शासकीय नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक और फरार आरोपी अनिल भास्कर को गिरौदपुरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दुम्हानी से हिरासत में लिया गया है। इस मामले में पुलिस अब तक कुल तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी नंदकुमार साहू (निवासी ग्राम बरेली) ने रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने छात्रावास अधीक्षक और उसके मित्र अजीत कुमार ने पुलिस मुख्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान 22 मार्च 2024 को आरोपियों ने दोनों युवाओं को अपने झांसे में लिया और नौकरी लगाने का लालच देकर रुपयों की मांग की।
इसके बाद आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत दोनों पीड़ितों को रेलवे विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र (Fake Appointment Letter) थमा दिया और बदले में कुल ₹4,90,500 ऐंठ लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 281/2024 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया।
इस मामले में गिरोह के दो आरोपी नरेश मनहरे और हीरा दिवाकर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि अनिल भास्कर लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन में गिरौदपुरी चौकी पुलिस लगातार फरार आरोपियों के ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अनिल भास्कर (42 वर्ष) छुपते-छुपाते अपने गृह ग्राम दुम्हानी (सारंगढ़-बिलाईगढ़) आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को घेराबंदी कर दबोच लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी अनिल भास्कर ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।