कोरबा के मुनगाडीह पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिला पंचायत सीईओ ने 3 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।
कोरबा। पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनगाडीह में 15वें वित्त आयोग की राशि में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर जांच के दायरे में आ गया है। विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार पंचायत उप संचालक द्वारा जनपद पंचायत पाली के सीईओ मोहनीश देवांगन को तीन दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन अभिमत सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में सरपंच और सचिव की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि स्कूल शौचालय निर्माण, अतिरिक्त कक्ष मरम्मत, नाली सफाई, पाइपलाइन विस्तार तथा पेयजल स्रोतों के रखरखाव जैसे कार्यों में फर्जी बिल और कागजी प्रक्रिया के जरिए लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की गई। शिकायत उजागर होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने स्पष्ट कहा है कि पंचायत विकास निधि में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने पर पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 और 92 के तहत कड़ी कार्रवाई के साथ राशि वसूली की प्रक्रिया भी की जाएगी।