छुरा/ गरियाबंद:- मेरा बेटा पहले पढ़ाई में अच्छा था, अब नशे और जुआ की संगत में पड़कर स्कूल छोड़ चुका है…”, “समझाने पर घर में झगड़ा करता है…”, “हम अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद होते नहीं देख सकते…” — ऐसी अनेक शिकायतें जब नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लुकेश्वरी थानसिंग निषाद तक पहुँचीं, तो उन्होंने इसे केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता मानते हुए नशा और जुआ के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने की मांग उठाई है।
अध्यक्ष श्रीमती निषाद ने बताया कि नगर के कुछ वार्डों से लगातार अभिभावक, माताएं और बुजुर्ग उनसे मिलकर अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि नशे और जुए की वजह से बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं, गलत संगति में पड़ रहे हैं और परिवारों में तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें सुनकर किसी भी जनप्रतिनिधि का मन व्यथित हो जाता है।
उन्होंने कहा कि नगर का वास्तविक विकास तभी संभव है जब उसका युवा शिक्षित, संस्कारी और नशामुक्त हो। यदि आज समाज इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में इसके दुष्परिणाम पूरे समाज को भुगतने पड़ सकते हैं।
श्रीमती लुकेश्वरी थानसिंग निषाद ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नगर के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब, गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए, जुआ-सट्टा संचालित करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा नियमित गश्त बढ़ाकर युवाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने नगरवासियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं से भी अपील की कि वे नशे और जुए के खिलाफ एक जनआंदोलन खड़ा करें। “एक भी बच्चे का भविष्य बचता है तो यह पूरे समाज की जीत होगी।”
अंत में उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि छुरा के हर परिवार के चेहरे पर मुस्कान बनाए रखना है। आइए, हम सब मिलकर नशा मुक्त और जुआ मुक्त छुरा के निर्माण का संकल्प लें।”