बाघामुड़ा धान खरीदी घोटाला: 40.96 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोपी समिति प्रभारी गिरफ्तार, रिकॉर्ड से 3304 कट्टा धान था गायब
महासमुंद/छत्तीसगढ़। धान उपार्जन केंद्रों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बाघामुड़ा उपार्जन केन्द्र में हुए लाखों रुपये के धान खरीदी घोटाले के मुख्य आरोपी और फरार समिति प्रभारी को पुलिस ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसे तकनीकी विश्लेषण और घेराबंदी कर दबोचा गया।
बाघामुड़ा उपार्जन केंद्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में भारी अंतर देखने को मिला था।
- रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा: 1,25,878 कट्टा
- मौके पर कमी: भौतिक सत्यापन के दौरान 3,304 कट्टा (कुल 1,321.6 क्विंटल) धान कम पाया गया।
- घोटाले की राशि: गायब धान की कुल कीमत 40.96 लाख रुपये आंकी गई है।
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जब जांच टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई, तो आरोपी समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव तुरंत फरार हो गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई थीं।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय टीम ने तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और लगातार मोबाइल ट्रैकिंग की मदद से आरोपी के सटीक लोकेशन का पता लगाया।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी के ग्राम मोखा में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने इलाके में घेराबंदी की और फरार आरोपी प्रेमसिंह ध्रुव को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से इस घोटाले में शामिल अन्य कड़ियों और गायब धान के संबंध में आगे की पूछताछ कर रही है।